नूरमहल (जालंधर) :-   दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा प्रत्येक वर्ष नूरमहल सत्संग आश्रम में भव्य रूप से दिवाली मनाई जाती है। गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी विश्वानंद ने बताया कि इस कार्यक्रम में सैंकड़ों की संख्या में भक्त जन उपस्थित होते हैं। इस दौरान पूरे सत्संग आश्रम को विभिन्न प्रकार की प्रेरणादाई रंगोलियों और प्राकृतिक रंगों से सजाया जाता है। वातावरण अनुकूल दिवाली मनाई जाती है। पूरी दिवाली ईको फ्रेंडली होती है।
यह कार्यक्रम को आध्यात्मिक के साथ साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नही होगी। क्योंकि इस दौरान पूरे आश्रम को भारत वर्ष की चित्र कलाओं से सजाया एवं दर्शाया जाता है। इस दौरान 1.10 लाख मिट्टी के दीए प्रज्वलित किए गए। जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के इस प्रयास को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड के फाउंडर एंड सीईओ पंकज विग तथा प्रीति विग द्वारा स्वामी विश्वानंद और स्वामी परमानंद को मेडल तथा प्रमाण पत्र दिया गया।