जालंधर :- दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर अशोक विहार,नजदीक वेरका मिल्क प्लांट में  भव्य स्तर पर माता की चौकी का आयोजन किया गया। माता की चौकी का शुभारंभ महामाई की ज्योति प्रज्जलवित करके किया गया। गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज की शिष्य साध्वी भावअर्चना भारती जी ने महामाई की महिमा का गुणगान किया। इस दौरान सारी संगत आनंद से झूमने लगी।  साध्वी जी ने कहा कि चौकी, जागरण का अर्थ मोह, आलस और अज्ञानता की नींद से जागना है। क्योंकि माँ एक शक्ति है, जो सारे संसार का सृजन,पालन और संहार करती है। साध्वी ने कहा कि असली जागरण तब होगा जब हम भी अपने अंदर ज्योति का दर्शन करें। साध्वी भावअर्चना भारती ने भेंटों के माध्यम से महामाई का गुणगान करते हुए बताया कि कीर्तन एक ऐसी औषधि है, जिससे समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। ध्वनि विज्ञान के अनुसार जिस समय वेद मंत्रों का उच्चारण किया जाता है तब एक ध्वनि उत्पन्न होती है, जिससे ऐसी तंरगें निकलती हैं जो वातावरण को दिव्यता प्रदान करती हैं। मुख से निकले प्रत्येक शब्द का प्रभाव समस्त वायुमंडल पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि शब्द कभी भी खत्म नहीं होता, सदैव वायुमंडल में व्याप्त रहता है। यही कारण है कि व्यक्ति धार्मिक स्थल पर जाकर सुख, शान्ति व सुकून का अनुभव करता है क्योंकि वहां प्रभु को उपस्थित जानकर भजन कीर्तन व प्रार्थना की जाती है। इसके विपरीत जिस स्थान पर लड़ाई झगड़ा, कलह कलेश होता है वहां पर अशान्ति दरिद्रता भयावह रोगों का वास होता है। जो प्राणी मां जगदम्बा के ध्यान में तनमय रहता है, भजन संकीर्तन में संलग्न रहता है वह शारीरिक मानसिक व आध्यात्मिक तीनों स्तरों पर उन्नति प्राप्त करता है। साध्वी ने आगे कहा कि शास्त्रों में दो विद्याओं का वर्णन आता है परा विद्या और अपरा विद्या। स्कूलों और कालेजों में दी जाने वाली विद्या को परा विद्या कहते हैं, जिसे प्राप्त करके व्यक्ति गौरवांवित हो जाता है। मनुष्य अहं के अधीन हो जाता है। जबकि सि शास्त्रों में अपरा विद्या धारण करने की बात भी कही है यानि प्रकाश स्वरूपिणी जगजनी मां जगदम्बा को अपने अंतःकरण में देख लेना ही ब्रह्म विद्या यानि अपरा विद्या है और इस विद्या को प्राप्त करके ही मनुष्य के भीतर विनय भाव आता है। इस अवसर पर AIG बलवीर सिंह भट्टी,ए. फ .एस .ओ . ममता नंदा, एस. पी .सुखदेव सिंह,बी डी  शर्मा जी,प्रदीप कालिया (सोनू जी), किरण बाला,रेशम सिंह,गुरनाम सिंह,ओमप्रकाश शर्मा,डी. स. पी सुरजीत सिंह जी ने कार्यक्रम में उपस्थित रहकर माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया।