भारत-बांग्लादेश का सीमावर्ती क्षेत्र पशु तस्करी के लिए कुख्यात रहा है। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बीओपी पानीतार, दोबिला, गोवर्धा, घोजाडांगा और कैजुरी के क्षेत्रों से कुछ साल पहले तक पशु से लेकर कई तरह की तस्करी होती थी।