प्राणी जगत के संरक्षण तथा व्यक्ति की सुख शांति के लिए आध्यात्मिकता की जरूरत - साध्वी दिवेशा भारती जी 

जलंधर:-दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा इस भजन संध्या में  श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी दिवेशा भारती जी के द्वारा श्री राम कथा का वाचन किया गया।  जिसमें साध्वी  जी ने बताया कि आज हमारे समाज में सबसे बड़ा ह्नतानाव है। यह अनेक रोगों को जन्म देता है। तनाव से व्यक्ति अवसाद ग्रस्त हो जाता है। यही कारण है कि आजकल आत्महत्या की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। विज्ञान और टेक्नोलॉजी ने भौतिक समृद्धि प्रदान करके हमारी जिंदगीयों को तो उन्नत किया है,लेकिन सामूहिक ध्वंस के हथियार भी दिए हैं। इसलिए प्राणी जगत के संरक्षण तथा व्यक्ति की सुख शांति के लिए  आध्यात्मिकता की जितनी जरूरत आज है, शायद उतनी पहले कभी नहीं थी।

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गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी का कथन है समाज की चेतना अध्यात्म में है, और यदि इस धू धू जलते विश्व को कोई शांत कर सकता है तो केवल मात्र अध्यात्मिकता है इसके अतिरिक्त कुछ भी नहीं इसलिए हम अपने जीवन के उद्देश्य को जाने और हमारी महापुरुषों ने जिस स्रोत की बात की है उस स्रोत से जुड़े।


अपने जीवन के उद्देश्य को जाने और हमारी महापुरुषों ने जिस स्रोत की बात की है उस स्रोत से जुड़े -  साध्वी दिवेशा भारती जी 

 हमारा स्रोत तो हमेशा हमारे साथ है ही। लेकिन यह हम पर निर्भर करता है, कि हम उस स्रोत के संपर्क में रहें तथा अपने मन को उस पर केंद्रित रखें। जब हम भीतर निहित इस स्रोत से सामंजस्य बिठा लेते हैं, तो उस प्रकृति व उसमें अस्तित्व रखते जीवों और वस्तुओं से भी सामंजस्यपूर्ण हो जाते हैं, जो इस स्रोत से उद्भूत हुए हैं। ऐसा होने पर हम अपने आप को समग्र पाते हैं तथा हमारा तनाव स्वाभाविक रूप से गल जाता है। तब हम सही दिशा में कार्य करने की विधि को भी जा जान लेते हैं, जिसे विवेक कहते हैं। इस बात के प्रचुर प्रमाण मौजूद हैं कि हमारी चेतना हमारे शरीर को निरोगी बना सकती है, बशर्ते हम अपने उस अंदरूनी स्रोत के साथ सामंजस्य स्थापित कर लें। परमात्मा आनंद का वास्तविक स्त्रोत है। यह लोकातीत उपलब्धि पूर्ण सद्गुरु की कल्याणकारी कृपा के द्वारा ही संभव है, जो मनुष्यों को आत्म साक्षात्कार के दिव्य विज्ञान से धन्य करने की लोकातीत दक्षता रखते हैं। इस मौके पर पार्षद पति रवि सैनी, पंडित ए के मिश्रा, उमेश सिंह, संदीप सिंह, मुसाफिर सिंह, रमेश सिंह, पिंटू सिंह, किशोर सिंह संजय सिंह मुल्क राज सिंह, जयप्रकाश सिंह, वीरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, सागर वर्मा इत्यादि मौजूद थे।