कथा जीवित आत्मा को ईश्वर के साथ जोड़ने के लिए एक सेतु का काम करती है। इस पुल पर चलने से भक्तों को युगों-युगों से भगवान दर्शन - सुश्री  आणिमा भारती जी

जालंधर :-दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा  पारदेश्वर सिद्ध पीठ श्री गौरी शंकर मंदिर में तीन दिवसीय शिव कथा के आयोजन में पहले दिन परम पूज्य गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या सुश्री  आणिमा भारती जी ने कथा में भगवान शिव की महिमा शिव की स्तुति के साथ कथा की शुरुआत करते हुए बताया गया कि, शिव सभी जीवों का विश्राम स्थल है। सभी नश्वर कई पाप कार्यों से बचने के लिए भगवान शिव की शरण लेते हैं। शिव कथा के रस की धारा में गोता लगाने से ही मन को शीतलता और आनंद का अनुभव होता है। मन से विकारों की गंदगी दूर हो जाती है।


मनुष्य के मन में दिव्य प्रकाश प्रकट होता है। कथा जीवित आत्मा को ईश्वर के साथ जोड़ने के लिए एक सेतु का काम करती है। इस पुल पर चलने से भक्तों को युगों-युगों से भगवान दर्शन की कृपा मिलती रही है। उन्होंने कहा कि आज अज्ञानता के अंधकार में भटक रहे मानव समाज को आध्यात्मिक ज्ञान की सख्त जरूरत है। तभी मनुष्य दानवता के दलदल से निकलकर अध्यात्म की ऊंचाइयों को छू सकता है। कथा में साध्वी बहनें ने मधुर भजनो का गायन किया और मन को शिव के नाम से जोड़ने का प्रयास किया। आरती के साथ कथा का समापन हुआ।