नौ महीने बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में वापसी की है। डॉलर में नरमी और कंपनियों की अच्छी कमाई के कारण जुलाई में इन्होंने 5,000 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है।