पठानकोट:- जम्मू-कश्मीर में 2 दिन से हो रही बरसात के बाद भारत-पाक सीमा पर बहता उज्ज दरिया उफान पर है। जम्मू-कश्मीर स्थित राजबाग बांध प्रशासन की ओर से पानी छोड़े जाने की सूचना पूर्व में ही स्थानीय पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई थी, जिसके चलते पुलिस चौकी बमियाल के प्रभारी बलकार सिंह ने दरिया किनारे रह रहे गुज्जर समुदाय के लोगों को दरिया से पीछे हटने की सूचना दी है। बता दें कि दरिया में डैम के अलावा आसपास स्थित खड्डों से भी पानी आ रहा है, इस कारण दरिया उफान पर आ गया है। इस समय में दरिया में पानी का बहाव 95 हजार क्यूसिक तक पहुंच गया है। एक लाख क्यूसिक के बहाव पर प्रशासन की ओर से खतरा घोषित किया जाता है। इस हिसाब से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते राजबाग में बनाए बांध में क्षमता से अधिक पानी जमा हो जाने के बाद दोपहर एक बजे उज्ज दरिया में छोड़ा गया। सूचना के बाद बमियाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दरिया से सटे गांवों के लोगों को दरिया की ओर न जाने की सूचना जारी कर दी थी।


एक लाख क्यूसिक पर ओवरफ्लो होता है पानी
बता दें कि उज्ज दरिया में एक लाख क्यूसिक तक पानी का बहाव झेलने की क्षमता है। इससे ज्यादा बहाव होने पर पानी ओवरफ्लो होने लगता है। इस कारण बमियाल में दरिया किनारे बैठे गुज्जरों के डेरे पानी की चपेट में आ जाते हैं। इससे खतरा उत्पन्न हो जाता है। क्षेत्र में गुज्जर समुदाय के कई ऐसे लोग हैं, जो दरिया किनारे रहते हैं। इन सब के बावजूद कुछ लोग प्रशासन के निर्देशों को दरकिनार करते हुए बरसात के दिनों में भी दरिया किनारे अपने पशु चराने के लिए ले जाते हैं। बीते दो-तीन वर्षों से लगातार गुज्जर समुदाय के लोग उज्ज में आई बाढ़ में फंस चुके हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत का सामना भी करना पड़ा। यहां तक कि इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सेना और एनडीआरएफ की सहायता भी लेनी पड़ी।

सूचना मिलते ही लोगों को आगाह कर दिया था : चौकी प्रभारी
पुलिस चौकी बमियाल के प्रभारी बलकार सिंह ने बताया कि दरिया किनारे नहीं जाने के लिए लोगों को पहले ही कहा जा चुका है, क्योंकि प्रशासन की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दरिया में पानी आने की सूचना मिलते ही लोगों को आगाह कर दिया गया था।
फोटो:-2-पठानकोट में बहते उज्ज दरिया में पानी उफान पर है।