सभी कामों को समयबद्ध ढंग से निपटाने के दिए निर्देश

गुणवत्ता मापदण्डों की सख़्ती से पालना करवाने की हिदायत

राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए विभाग की समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता की

चंडीगढ़, 18 जुलाई:-पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोक निर्माण विभाग ( पी.डब्ल्यू. डी.) के अधिकारियों को राज्य में चल रहे सभी प्रोजेक्टों को जल्द निपटाने और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए और प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए कहा।

यहां अपनी सरकारी रिहायश पर विभाग के कामों की समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी प्रवानित और मंज़ूर कामों को समयबद्ध ढंग से मुकम्मल करने को प्राथमिकता देने के लिए कहा। उन्होंने पी.डब्ल्यू.डी. के अधिकारियों को आदेश दिया कि काम की गुणवत्ता के लिए इन प्रोजेक्टों के हर पड़ाव पर उचित जांच यकीनी बनाई जाये। भगवंत मान ने कहा कि विभाग को आगामी प्रोजेक्टों के निर्माण, मुरम्मत या संभाल के दौरान गुणवत्ता यकीनी बनाने के लिए तय मापदण्डों की सख़्ती से पालना करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि दिल्ली-अमृतसर-कटरा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य में तेज़ी लाई जाये। उन्होंने कहा कि यह प्रतिष्ठित प्रोजैक्ट है, जिसके मुकम्मल होने से दिल्ली से पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक ख़ास तौर पर माता वैष्णो देवी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के समय, पैसे और ऊर्जा की बचत होगी। भगवंत मान ने कहा कि 254 किलोमीटर लम्बा यह राजमार्ग 11,510 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है और यह पंजाब में नौ जिलों जालंधर, संगरूर, मालेरकोटला, पटियाला, कपूरथला, लुधियाना, अमृतसर, तरन तारन और गुरदासपुर में से गुजऱेगा।

और मसलों संबंधी बात करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग आम आदमी क्लीनिकों का तय समय में निर्माण कार्य मुकम्मल करे। उन्होंने कहा कि यह क्लीनिक आगामी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोगों को समर्पित किये जाएंगे। भगवंत मान ने आशा अभिव्यक्त की कि यह क्लीनिक लोगों को मानक स्वास्थ्य सहूलतें मुहैया कराने के लिए एक प्रेरक के तौर पर काम करेंगे।

मुख्यमंत्री ने विभाग को संत अंतर सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैडीकल सायंसेज़, संगरूर का निर्माण जल्दी शुरू करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि 350 करोड़ रुपए की लागत से लगने वाला यह प्रोजैक्ट राज्य ख़ास तौर पर मालवा क्षेत्र में मानक स्वास्थ्य सहूलतें यकीनी बनाऐगा। भगवंत मान ने कहा कि यह प्रोजैक्ट जंगी स्तर पर शुरू करना लाजि़मी है जिससे लोगों को तत्काल राहत दी जाये।

बाकी प्रोजेक्टों की समीक्षा करते हुये मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य विभिन्न प्रोजेक्टों का काम जल्द मुकम्मल करने के लिए कहा। इन प्रोजेक्टों में श्री गुरु तेग़ बहादुर लॉ यूनिवर्सिटी, कैरों ( तरन तारन), श्री गुरु रविदास मेमोरियल खुरालढ़, गढ़शंकर (होशियारपुर), महाराजा भुपिन्दर सिंह स्पोर्टस यूनिवर्सिटी, पटियाला, श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी स्किल इंस्टीट्यूट, श्री चमकौर साहिब, गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर में इंटरफेथ स्टड्डीज़ सैंटर और पटियाला में बसों के दाखि़ले हेतु नया बस स्टैंड और फ्लाईओवर शामिल थे। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्टों पर काम बड़े स्तर पर मुकम्मल हो चुका है और बाकी रहते काम भी जल्दी मुकम्मल किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने योजनाबद्ध सडक़ों, लिंक सडक़ों और अन्य सडक़ों के नैटवर्क को और मज़बूत और चौड़ा करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि इमारती और सडक़ प्रोजेक्टों में कारगुज़ारी पर आधारित करारनामे को उत्साहित किया जाना चाहिए और साथ ही सभी सरकारी जायदादों की संभाल के लिए नियमित व्यवस्था को यकीनी बनाया जाना चाहिए। भगवंत मान ने सरकारी सम्पतियों ( सडक़ों, पुलों और इमारतों) की ऑनलाइन व्यवस्था पर ज़ोर दिया जिससे उनका प्रभावशाली ढंग से प्रबंधन और निगरानी की जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी लिंक सडक़ों को प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना ( पी. एम. जी. एस. वाई.) की विशेषताओं और दिशा-निर्देशों के मुताबिक बनाया जाना चाहिए जिससे इन सडक़ों की पाँच सालों की मियाद कायम रखी जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग में काम कर रहे इंजीनियरों को उनकी महारत और निखारने के लिए प्रशिक्षण और रिफरैशर कोर्सों को यकीनी बनाया जाये। भगवंत मान ने राज्य के इंजीनियरिंग विभागों के लिए आनलाइन केंद्रीय ज्ञान की व्यवस्था की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।

इस दौरान मीटिंग में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा ने मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया कि तेज़ स्पीड वाले आर्थिक गलियारों के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( एन. एच. ए. आई.) के साथ मिल कर ऐक्सप्रैसवे, ग्रीनफील्ड कोरिडोरों और बाइपास और इन प्रोजेक्टों को फास्ट-ट्रैक पर रखा गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि सख़्त गुणवत्ता कंट्रोल के लिए अमृतसर, होशियारपुर और बठिंडा में तीन अतिरिक्त क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं का प्रस्ताव है। इसी तरह उन्होंने कहा कि क्लास- 1 क्लास- 2 क्लास- 3 और क्लास- 4 के लिए ठेकेदारों की भर्तीं के लिए ऑनलाइन प्रणाली भी प्रक्रिया अधीन है।