जालंधर:-  दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से कबीर जयंती के उपलक्ष्य में भार्गो कैंप, नकोदर रोड जालंधर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें आशुतोष महाराज जी के शिष्य साध्वी सुश्री जीवेश्वरी भारती जी ने अपने प्रवचनों के माध्यम से संगत को संबोधित करते हुए कहा कि कबीर साहेब महाराज जी एक ऐसी शख्सियत के मालिक थे जिन्होंने हर वर्ग के ऊपर अपनी कृपा को लुटाया ।जालिम और मंसूबों ने बहुत कोशिश की उन्हें गिराने की पर कबीर साहिब जी उसी प्रकार सत्य के प्रचार में लगे रहे। उन्होंने मानवता को दिन हीनता से ऊपर उठाकर अध्यात्मिक तौर पर जागृत किया और समूची मानवता को प्रेम सहनशीलता श्रद्धा और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। कई शताब्दिया तक बीत गई हैं पर आज भी वह मार्गदर्शक की तरह हमारे साथ हैं।आपके द्वारा रची बानी का मूल उद्देश्य प्रभु प्राप्ति ही है ।इस मंतव्य की पूर्ति के लिए उन्होंने प्रेम, सहनशीलता ,श्रद्धा ,सेवा और त्याग आदि ऊपर बल दिया । बाहरी तौर पर उन्होंने कोई विद्या हासिल नहीं की पर उनकी वाणी को कोई ज्ञानी आध्यात्मिक व्यक्ति ही समझ सकता है, क्योंकि उनकी गूड अध्यात्मिक बातों को समझने के लिए बड़े-बड़े विद्वान भी डोल जाते हैं पर आज का इंसान अनजान है कि आखिर वह कौन सी विद्या है जो सतगुरु कबीर जी के पास थी ।
कबीर साहिब जी हमेशा अनुभव के आधार पर ही बात किया करते थे। उन्होंने लोगों को उपदेश दिया कि प्रभु की चर्चा  वेदों ग्रंथों में की गई है पर परमात्मा तो अंदर अनुभूति करने वाली शक्ति है और यह शक्ति पूर्ण गुरु के बिना हमें प्राप्त नहीं हो सकती। कबीर साहब जी अपनी भक्ति की शुरुआत व सब प्रकार के अनुभव का सेहरा अपने गुरु को देते हैं ।जिस आनंद की प्राप्ति उन्होंने कि उसके पीछे उनकी गुरु की कृपा थी संतो के प्रभाव के बिना किसी भी देश, सभ्यता अंदर पवित्रता ,विशालता, एकता और त्याग की भावना उत्पन्न नहीं हो सकती। अंत में साध्वी जी ने कहा कि सतगुरु कबीर साहिब जी भी भारत की भूमि के ऊपर एसे उगे हुए सूरज थे जिन्होंने अपने ज्ञान के प्रकाश से सारी दुनिया को रोशन कर दिया उनकी पावन बानी हमे कदम कदम पर हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी अंत में साध्वी बहनों ने सुमधुर भजनों का गायन किया।