चंडीगढ़, 25 मई:-पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज गाँव कोटला सुलेमान, जि़ला फ़तेहगढ़ साहिब के पूर्व सरपंच त्रिलोचन सिंह, आधिकारित पंच रणजोध सिंह, बीडीपीओ दफ़्तर फतेहगढ़ साहिब के दो जूनियर इंजीनियर ललित गोयल जूनियर इंजीनियर और लोकेश थम्हण समेत पंचायत सचिव पवितर सिंह को ग्राम पंचायत के फंड में 20.67 लाख रुपए का घपला करने और पंचायत की 2.86 करोड़ रुपए के हिसाब वाली माप पुस्तक खराब करने पर विभिन्न फ़ौजदारी धाराओं के अधीन मुकदमा दर्ज करके अगली कार्रवाई आरंभ कर दी है।


आज यहाँ यह जानकारी देते हुए पंजाब विजीलैंस ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि उक्त दोषियों के खि़लाफ़ विजीलैंस ब्यूरो के थाना पटियाला में आईपीसी की धारा 409, 201, 120-बी और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13(1)ए और 13(2) के अंतर्गत आज तारीख़ 25-05-2022 को मुकदमा नंबर 10 दर्ज करके मुलजि़मों की गिरफ़्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई हैं।

अधिक विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि शिकायत नंबर 65/2019 फतेहगढ़ साहिब की पड़ताल के दौरान पाया गया कि रणजोध सिंह आधिकारित पंच से पहले ग्राम पंचायत गाँव कोटला सुलेमान का सरपंच त्रिलोचन सिंह रहा था, जिसके कार्यकाल के दौरान ग्राम पंचायत गाँव कोटला सुलेमान की पंचायती ज़मीन को रेलवे विभाग द्वारा एक्वायर होने के कारण ग्राम पंचायत गाँव कोटला सुलेमान को रकम करीब 4,18,00,000 रुपए और अन्य साधनों से कुल 4,20,25,000 रुपए प्राप्त हुए थे और इस उक्त रकम में से त्रिलोचन सिंह पूर्व सरपंच द्वारा रकम 2,86,25,000 रुपए गाँव में विकास के कार्यों पर ख़र्च की गई है और त्रिलोचन सिंह द्वारा 1,34,00,000 रुपए पंचायती खाते में छोड़े गए थे।

यह बचती रकम रणजोध सिंह आधिकारित पंच द्वारा विकास के नाम पर ख़र्च की गई दिखाई गई है, जबकि रणजोध सिंह आधिकारित पंच द्वारा करवाए गए कामों की पहले श्री तरसेम लाल कार्यकारी इंजीनियर पंचायती राज लोक निर्माण मंडल जालंधर द्वारा पड़ताल करके रकम 27,59,538 रुपए का वित्तीय नुकसान पहुँचाने के लिए रिपोर्ट तैयार की गई थी।

रणजोध सिंह आधिकारित पंच ग्राम पंचायत गाँव कोटला सुलेमान के अरसे के दौरान करवाए गए कामों की विजीलैंस ब्यूरो पंजाब एसएएस नगर की तकनीकी टीम-1 को साथ लेकर चैकिंग की गई थी और तकनीकी टीम की फाईनल रिपोर्ट के अनुसार तारीख़ 5-1-2018 से तारीख़ 13-7-2018 तक गाँव में विकास के करवाए गए कार्यों में रकम 20,67,068 रुपए की घपलेबाज़ी रणजोध सिंह आधिकारित पंच, लुकेश थम्हण जेई और पवितर सिंह पंचायत सैक्रेटरी द्वारा की हुई पाई गई है।

विजीलैंस की तकनीकी टीम की रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम पंचायत गाँव कोटला सुलेमान द्वारा विकास के कार्यों को करवाने से पहले उसकी तकनीकी मंजूरी लेनी ज़रूरी थी, क्योंकि उसके मुताबिक ही मटीरियल की मात्रा और रेट मंज़ूर किए जाते हैं, परन्तु लुकेश थम्हण जेई और पवितर सिंह पंचायत सैक्रेटरी द्वारा रणजोध सिंह पूर्व आधिकारित पंच के साथ आपस में मिलीभगत करके तकनीकी मंजूरी नहीं ली गई, जिससे इनकी आपस में मिलीभगत साबित होती है। इसके अलावा त्रिलोचन सिंह पूर्व सरपंच के अरसे के दौरान तैनात रहे ललित गोयल जेई से माप पुस्तक (एमबी) की माँग की गई, जिससे त्रिलोचन सिंह पूर्व सरपंच के अरसे के दौरान गाँव कोटला सुलेमान में करवाए गए कामों के बारे में चैकिंग की जा सके, परन्तु ललित गोयल जेई द्वारा पड़ताल के दौरान अपनी माप पुस्तक बार-बार मांगने के उपरांत भी पेश नहीं की गई और ना ही ललित गोयल जेई द्वारा गाँव कोटला सुलेमान में विकास के कार्यों से सम्बन्धित माप पुस्तक विभाग के पास जमा करवाई गई और न ही लुकेश थम्हण जेई द्वारा ललित गोयल जेई से माप पुस्तक की माँग की गई, जिससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि ललित गोयल जेई द्वारा त्रिलोचन सिंह के अरसे के दौरान करवाए गए कार्यों से सम्बन्धित माप पुस्तक को खराब किया गया है और लोकेश थम्हण जेई द्वारा ग्राम पंचायत गाँव कोटला सुलेमान के कामों को करवाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिना विभाग के बीडीपीओ दफ़्तर को सूचित किए ही रणजोध सिंह आधिकारित सरपंच के साथ मिलीभगत करके नयी माप पुस्तक लगाकर काम शुरू करवा दिए गए।

जांच के मुताबिक रणजोध सिंह पूर्व आधिकारित पंच, त्रिलोचन सिंह पूर्व सरपंच गाँव कोटला सुलेमान और ललित गोयल जेई, लोकेश थम्हण जेई, पवितर सिंह पंचायत सैक्रेटरी दफ़्तर बीडीपीओ फ़तेहगढ़ साहिब द्वारा आपस में मिलीभगत करके और ग्राम पंचायत गाँव कोटला सुलेमान को रेलवे विभाग से पंचायती ज़मीन को एक्वायर करने और अन्य साधनों से मिली कुल 4,20,25,000 रुपए की रकम में से 2,86,25,000 रुपए से सम्बन्धित माप पुस्तक को खुर्द बुर्द करके और तकनीकी टीम की रिपोर्ट के मुताबिक 20,67,068 रुपए का घपला किया गया है। इस जांच के आधार पर विजीलैंस द्वारा उक्त मुलजि़मों के खि़लाफ़ मुकदमा दर्ज करके अगली कार्रवाई आरंभकर दी गई है।