जालंधर :-  दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के द्वारा बिधीपुर स्थित आश्रम में साप्ताहिक सत्संग   का आयोजन किया गया। जिसमे संगत को संबोधित करते हुए  श्री आशुतोष जी महाराज की शिष्या साध्वी रूपिंदर भारती जी ने कहा कि हमारा मन बड़ा शक्तिशाली हैं।अगर हम अपनी इच्छा के मुताबिक इसे काबू करने की तरकीब हासिल कर ले,तो यह रचनात्मक तरीके से काम करके चमत्कार दिखा सकता है। इसके विपरीत अगर इसे बेलगाम और बेकाबु छोड़ दिया जाए,तो यह पूर्ण विनाश का रास्ता भी दिखा सकता है। इसी लिए मन पर नियंत्रण करने की आवश्यकता है।

मन है क्या ? मन विचारों से बनता है। विचारों से बना होने के कारण,आपके विचार जैसे होंगे वैसा ही आपका मन होगा। मनोभूमि में पलने वाले विचारों की किस्म के  मुताबिक ही मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण होता है। हमारे जीवन को ढालने में विचारों की शक्ति बड़ा काम करती है, क्योंकि हम जो भी काम करते हैं, वह विचारों के द्वारा ही प्रेरित होता है। इसलिए सुखद और स्वस्थ जीवन के लिए विचारों और मन पर नियंत्रण होना बेहद जरूरी है।

अब सवाल उठता है इसे नियंत्रण कैसे किया जाए? हमारे सभी ग्रंथो में इसका एक ही उपाय दिया है और वो है ब्राम्हज्ञान की साधना। पूर्ण सतगुरु द्वारा प्रदत्त सत्य ज्ञान या ब्रह्मज्ञान की सतत साधना ही इसे नियंत्रण कर सकती है। इस कार्यक्रम में साध्वी पल्लवी भारती जी ने सुंदर भजनों का गायन भी किया।