नारी के अंदर सहनशीलता, धैर्य, प्रेम, ममता और मधुर वाणी जैसे बहुत से गुण विद्यमान है जो कि नारी की असली शक्ति-साध्वी आणिमा भारती जी

जालंधर 29 मार्च 2022:- दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से प्रताप बाग में नारी सशक्तिकरण के लिए स्वाभिमान कार्यक्रम किया गया जिसमे  आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी आणिमा भारती जी ने आए हुए लोगों को नारी की महानता बतायी। 


साध्वी जी ने बताया कि नारी समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है जिसके बिना समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। नारी के अंदर सहनशीलता, धैर्य, प्रेम, ममता और मधुर वाणी जैसे बहुत से गुण विद्यमान है जो कि नारी की असली शक्ति है। यदि कोई नारी कुछ करने का निश्यचय कर ले तो वह उस कार्य को करे बिना पीछे नहीं हटती है और वह बहुत से क्षेत्रों में पुरूषों से बेहतरीन कर अपनी शक्ति का परिचय देती है।

 प्राचीनकाल में नारी की शक्ति की पहचान अपाला, घोषा जैसी विदुषी महिलाओं से होती 29 ये सभी सिर्फ अपने ज्ञान के चलते ऋषिकाओ के नाम से जानी गयी, क्या करू वर्णन नारी शक्ति इतना साहस इतनी सहनशीलता रानी लक्ष्मीबाई की वीरता के बारे में कौन नहीं जानता जिस ने सिर्फ अपने साहस के बल पर अंग्रेजो के दांत खट्टे कर दिए।
 

इतिहास में बहुत सी महिलाएँ ऐसी रही है , जिन्होंने समय -समय पर नारी शक्ति का परिचय दिया है और समाज को बताया है कि नारी अबला नहीं सबला है।  इसलिए मातृशक्ति स्वयं को किंचित भी दुर्बल ना माने प्रकृति की इस वरदान को अपने भीतर फलने फूलने का मौका दें ब्रह्म ज्ञान पाकर अपनी आत्मिक शक्ति को प्रकट करें जागृत करें अपने चरित्र में आध्यात्मिक उजाला भर ले ।