आदमपुर का सर्वांगीण विकास करना उनके लिए प्रमुख प्राथमिकता - मुख्यमंत्री

सडक़ों समेत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 19 करोड़ रुपए देने का ऐलान

आदमपुर हवाई अड्डे को जाने वाली सडक़ का नाम गुरू रविदास जी के नाम पर रखा जाएगा

अकालियों द्वारा अपने संकुचित राजनीतिक हितों के लिए बसपा को मोहरे के रूप में इस्तेमाल करने की कड़ी आलोचना

आदमपुर (जालंधर)/चण्डीगढ़, 15 नवम्बर:-दोआबा को पंजाब का दिल बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने यहाँ ख़ासकर आदमपुर हलके में विकास प्रमुख प्रोजैक्टों को प्रमुख तौर पर प्राथमिकता देकर इसको राज्य का अग्रणी हिस्सा बनाने का प्रण लिया। आदमपुर के विकास को सुनिश्चित बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों के लिए 19 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया।

यहाँ विशाल जलसे को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 करोड़ रुपए में से 9 करोड़ रुपए सडक़ों की मज़बूती/चौड़ा करने और चार मार्गी करने के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि 10 करोड़ रुपए किसी भी प्रकार के विकास प्रमुख कार्य करने के लिए महिन्दर सिंह के.पी. के लिए रख दिए गए हैं।

पंजाब राज्य तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण बोर्ड के चेयरमैन (कैबिनेट रैंक) महेन्दर सिंह के.पी. द्वारा आदमपुर को सब-डिविजऩ का दर्जा देने की रखी गई माँग के जवाब में मुख्यमंत्री चन्नी ने इस माँग की संभावनाएं तलाशने के लिए जल्द ही सर्वेक्षण करवाने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि वह बड़ी सडक़ के साथ 5-10 एकड़ ज़मीन की व्यवस्था होने पर आदमपुर में डिग्री कॉलेज खोलने की माँग मानने के लिए तैयार हैं।

इसी तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि आदमपुर एयरपोर्ट की तरफ से जाने वाली सडक़ का नाम गुरू रविदास जी के नाम पर रखा जाएगा और हवाई अड्डे का नाम भी गुरू रविदास जी के नाम पर रखने के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। एक अन्य माँग के जवाब में कहा, ‘‘क्षत्रिय राजपूतों को फिर जनरल कैटेगरी का दर्जा दिया जाएगा।’’

अकालियों पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी को हमेशा से ही राजनीतिक शतरंज के मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया है। चन्नी ने कहा, ‘‘साल 1996 में शिरोमणि अकाली दल ने बसपा के साथ गठजोड़ किया था परन्तु उससे अगले साल बसपा को धोखा दे दिया और भाजपा की शरण में चले गए।’’ चन्नी ने कहा कि जब भाजपा के साथ गठबंधन टूट गया तो एक बार फिर बसपा के साथ हाथ मिला लिया, परन्तु अकालियों ने इस बार भी राजनीतिक चाल खेली है और होशियारपुर एवं पठानकोट जैसी सीटें बसपा की झोली में डाल दीं, जबकि यहाँ से इनको कभी भी जीत नसीब नहीं हुई। गुपचुप रूप से अकाली दल की अभी भी भाजपा के साथ साँठ-गाँठ है।

बहुजन समाज को कांग्रेस पार्टी के बैनर तले एकजुट होने का न्योता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में अब भी बहुजन समाज का शासन है।

समाज के सभी वर्गों के लाभ के लिए उनकी सरकार द्वारा उठाए गए ऐतिहासिक कदमों का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घरेलू बिजली की दरों में प्रति यूनिट 3 रुपए की कटौती कर दी है। इसके अलावा 21 लाख परिवारों को 200 यूनिट मुफ़्त बिजली पहले की तरह ही जारी रहेगी, शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में लाल लकीर के अंतर्गत रह रहे लोगों को ‘मेरा घर, मेरे नाम’ के अधीन मालिकाना हक दिए, एक लाख नौकरियों की प्रक्रिया चल रही है, ट्यूबवैलों के बिल माफ करके 1200 करोड़ रुपए की राहत दी और पानी की दरें 50 रुपए प्रति माह निर्धारित करने समेत कई अन्य लोक-हितैषी प्रयास किए गए।

जालंधर से लोक सभा सदस्य चौधरी संतोख सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि अब ‘लोहपुरुष’ राज्य का मुख्यमंत्री बना है।

इससे पहले पूर्व मंत्री, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रधान और पंजाब राज्य तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण बोर्ड के चेयरमैन महेन्दर सिंह के.पी. ने खुलासा किया कि आज आदमपुर में 130 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की शुरुआत करके मुख्यमंत्री ने खुशहाली की लहर का आधार बाँध दिया है।    

इस मौके पर मुख्यमंत्री का सम्मान भी किया गया।

इस मौके पर करतारपुर से विधायक चौधरी सुरिन्दर सिंह, आदमपुर से पूर्व विधायक कंवलजीत सिंह लाली और मार्केट कमेटी के चेयरमैन गुरमीत सिंह और अन्य भी उपस्थित थे।