काले कानून रद्द करवाने के लिए पंजाब के 700 बेटों और बेटियों ने बलिदान दिया

अब तक पंजाब में अपवित्र गठजोड़ का राज रहा जो बारी-बारी कुर्सियां बदलते रहे

मुख्यमंत्री ने बटाला में सहकारी चीनी मिल की क्षमता 3500 टी.सी.डी. तक बढ़ाने का नींव पत्थर रखा

बटाला, 20 नवंबर :-पंजाब के मुख्यमंत्री स. चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का काले खेती कानून रद्द करने का ऐलान हकीकत में नहीं बदल जाता तब तक पंजाबियों और ख़ासकर किसानों को चौकस रहने की ज़रूरत है।

बटाला शुगर मिल में मिल की क्षमता बढ़ाने का नींव पत्थर रखने के उपरांत एक समारोह में किसानों को संबोधन करते हुए मुख्यमंत्री पंजाब ने कहा कि खेती संबंधी काले कानून लागू करना एक गहरी साजिश था और इसने किसानी को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ राज्य की तरक्की और ख़ुशहाली को भी नुकसान पहुंचाया है। स. चन्नी ने कहा कि तब तक खेती कानून रद्द करने का कोई फ़ायदा नहीं जब तक केंद्र सरकार फसलों की खरीद के लिए एम.एस.पी. की गारंटी नहीं देती।

जो लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद कर रहे हैं उनके बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री स. चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि पंजाबी किस बात के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद करें क्योंकि ये काले कानून भी तो उन्होंने जानबूझ कर किसानी को मारने के लिए लागू किये थे। इन काले कानूनों को रद्द कराने के लिए 700 से अधिक किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी और राज्य की आर्थिकता और ख़ुशहाली को बड़ी क्षति हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा का गुणगान करने वाले नेता पहले किसानों की शहादतों और उनके द्वारा झेले कठिन दिनों को ज़रूर याद कर लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा किसानी संघर्ष में जान गंवाने वाले किसानों की याद में एक स्मारक बनाया जाएगा जिससे सदियों तक किसानी संघर्ष की याद ताज़ा रहे।

शिरोमणि अकाली दल बारे बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन काले खेती कानूनों को बनाने और लागू करवाने में अकाली दल सबसे बड़ा दोषी है और उन्होंने भाजपा का पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा कि अकाली दल ने अपनी कुर्सी की ख़ातिर पंजाब के हितों को केंद्र के आगे बेच दिया और जब पंजाबियों ने इनका डटकर विरोध किया तो इन्होंने इस्तीफे वाला नाटक रचा।

आम आदमी पार्टी की बात करते हुए मुख्यमंत्री स. चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि अरविन्द केजऱीवाल दोहरे मापदंड अपनाकर पंजाबियों को गुमराह करने की नाकाम कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन खेती कानूनों को रद्द करवाने के लिए पंजाब के किसानों ने धरने लगाए हुए हैं उन्हीं काले कानूनों को केजऱीवाल ने दिल्ली में लागू किया हुआ है। स. चन्नी ने पंजाब के लोगों को अकाली दल, आम आदमी पार्टी, भाजपा और उन जैसे अन्य नेताओं जो मोदी की प्रशंसा कर रहे हैं उनसे सावधान करते हुए कहा कि ऐसे लोग दोमूंहे साँप की तरह होते हैं और इनसे सावधान रहने की ज़रूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य से ट्रांसपोर्ट माफिया को ख़त्म करने के लिए बड़ी कार्रवाई की है और बादलों की नाजायज चलती बसों को ज़ब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि अब वही पर्मिट राज्य के बेरोजग़ार नौजवानों को दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट माफिया के बाद अब केबल माफिया के खि़लाफ़ भी बड़ी कार्रवाई की जायेगी।

स. चन्नी ने कहा कि पंजाब सरकार ने अपने खजाने का मुँह राज्य के निवासियों की बेहतरी के लिए खोल दिया है और राज्य सरकार ने 1500 करोड़ रुपए के बकाया बिजली बिल माफ करके गरीब और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली के यूनिट में 3 रुपए की कटौती करके एक और बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि रेत का रेट 5.50 रुपए प्रति क्यूबिक फुट निर्धारित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने किसानों को राहत देते हुए गन्ने के रेट में 50 रुपए की वृद्धि की है जिसमें से 35 रुपए की वृद्धि पंजाब सरकार वहन करेगी और केवल 15 रुपए की वृद्धि निजी चीनी मिलों को देना पड़ेगा।

इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री स. चरणजीत सिंह चन्नी ने आज बटाला इलाके के किसानों को बड़ा तोहफ़ा देते हुए सहकारी चीनी मिल बटाला की क्षमता 1500 टी.सी.डी से 3500 टी.सी.डी बढ़ाने और 14 मेगावाट को-जनरेशन प्रोजैक्ट का नींव पत्थर रखा।

मुख्यमंत्री पंजाब स. चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 296.14 करोड़ रुपए की लागत के साथ सहकारी चीनी मिल बटाला में नयी चीनी मिल जिसकी क्षमता 3500 टी.सी.डी. (जिसमें 5000 टी.सी.डी. तक विस्तार किया जा सकता है) समेत 14 मेगावाट को-जनरेशन प्रोजैक्ट की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस मिल में बिजली की पैदावार के अलावा फार्मास्यूटीकल शुगर और रिफाइंड शुगर का उत्पादन भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नयी चीनी मिल की स्थापना के उपरांत रोज़ाना 35000-40000 क्विंटल गन्ने की पेराई की जायेगी और लगभग 8.5 मेगावाट बिजली स्टेट ग्रिड को सप्लाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजैट 15 महीनों में मुकम्मल कर लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बटाला इलाके को 10 करोड़ रुपए सडक़ों के निर्माण और 5 करोड़ रुपए पुल बनाने के लिए देने का ऐलान भी किया। इसके अलावा उन्होंने 1 करोड़ रुपए रैस्ट हाऊस बनाने और 50 लाख रुपए गन्ना रिसर्च केंद्र कलानौर के लिए भी ऐलान किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल जिनके पास लम्बा समय सहकारिता विभाग का प्रभार रहा परन्तु उन्होंने सहकारिता लहर को मज़बूत करने के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि बादलों ने गन्ने की किस्मों संबंधी शोध कार्य को बंद कर दिया और यही कारण है कि पंजाब के पास गन्ने की बढिय़ा और अधिक झाड़ वाली किस्मों की कमी हो गई। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा कलानौर में गन्ना रिसर्च केंद्र स्थापित किया जा रहा है जिसके द्वारा अब नई गन्ने की किस्में किसानों को मिलेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री स. चन्नी का बटाला मिल की क्षमता बढ़ाने पर धन्यवाद किया।

इस मौके पर ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री स. तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री स. चन्नी द्वारा बटाला चीनी मिल की क्षमता बढ़ाकर जो तोहफ़ा किसानों को दिया है इसके लिए किसान हमेशा उनको याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि स. चन्नी ने थोड़े समय में जिस तरह पंजाब की बेहतरी वाले और जन-हितैषी फ़ैसले लिए हैं उससे राज्य के लोग कहने लगे हैं कि ‘चन्नी सरकार, अच्छी सरकार’। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग चन्नी सरकार के काम-काज और प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट और खुश हैं।

इस मौके पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री पंजाब स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री स. तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा, शूगरफैड पंजाब के चेयरमैन स. अमरीक सिंह आलीवाल, पूर्व राज्यसभा मैंबर स. भुपिन्दर सिंह मान, चेयरमैन अश्वनी सेखड़ी, ए.सी.एस. श्री अनुराग अग्रवाल, रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं श्री अरुण सेखड़ी, एम.डी. शूगरफैड श्री राजीव गुप्ता, डिप्टी कमिश्नर जनाब मुहम्मद इशफ़ाक, एस.एस.पी. बटाला स. मुखविन्दर सिंह भुल्लर, सहकारी चीनी मिल बटाला के चेयरमैन स. सुखविन्दर सिंह काहलों के अलावा इलाकेे की प्रमुख हस्तियाँ और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।