ऽ बेईमान सरकारी अधिकारियों /कर्मचारियों के साथ सख़्ती से निपटा जायेगा - एल. के. यादव

 ऽ भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा - विजीलैंस प्रमुख

चंडीगढ़, 13 अक्तूबरः-राज्य के सरकारी दफ़्तरों में भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के मकसद से पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज पंजाब के आम लोगों के साथ-साथ ईमानदार अधिकारियों /कर्मचारियों से सहयोग की माँग करते हुये भ्रष्टाचार /रिश्वतखोर सरकारी अधिकारियों /कर्मचारियों के विरुद्ध जानकारी देने या टोल फ्री नंबर 1800-1800-1000 पर शिकायत दर्ज करवाने या वटसऐप नंबर या ईमेल पर शिकायतें दर्ज करवाने के लिए कहा है। 

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये चीफ़ डायरैक्टर-कम-एडीजीपी विजीलैंस ब्यूरो श्री एल.के. यादव ने कहा कि सरकारी अधिकारियों /कर्मचारियों की तरफ से किये जाते किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और पंजाब के मुख्यमंत्री स. चरणजीत सिंह चन्नी भी राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त शासन लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

लोगों से अपील करते हुये विजीलैंस प्रमुख ने बताया कि टोल फ्री नंबर ब्यूरो के मुख्यालय में लगातार 24x7 के लिए कार्यशील रहेगा। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति किसी भी समय वटसऐप नंबर 90410-89685 या ईमेल complaint2vb@punjab.gov.in पर विजीलैंस ब्यूरो को जानकारी, वीडियो या लिख कर संदेश भेज सकता है।

श्री यादव ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी सरकारी काम के लिए नकदी या किसी किस्म की गैरकानूनी सहायता की माँग करने वाले अपने सरकारी पद और सरकारी फंडों का दुरुपयोग करने वाले और सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी वित्तीय या चल रहे विकास प्रोजैक्ट में हेरफेर करने वाले और राज्य सरकार के किसी भी विभाग के प्रोजैक्ट में घटिया दर्जे की सामग्री बरतने वाले किसी भी सरकारी अधिकारी /कर्मचारी के विरुद्ध इस टोल फ्री नंबर, ईमेल या वटसऐप नंबर के ज़रिये शिकायत दर्ज करवा सकता है।

विजीलैंस ब्यूरो के प्रमुख ने आगे कहा कि कोई भी ईमानदार सरकारी अधिकारी /कर्मचारी बिना झिझक से किसी भी बेईमान या अपने अधिकारित पद का दुरुपयोग करने वाले किसी भी विजीलैंस के अधिकारी /कर्मचारी या किसी अन्य सरकारी मुलाज़िम के खि़लाफ़ उपरोक्त संपर्क नंबरों या ईमेल के ज़रिये ब्यूरो को शिकायत दर्ज करवा सकता है या ब्यूरो को सूचित कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतों की पूरी जांच करने के बाद यदि दोष साबित हो जाता है तो दोषियों के साथ कानून के मुताबिक सख़्ती से निपटा जायेगा। सूचना देने वाला अगर चाहे तो उसका नाम गुप्त रखा जायेगा।