“चरैवेति - चरैवेति विषय है आत्मा चिंतन का

न रुकना अनवरत चलना, यही है सूत्र जीवन का”
प्रखर प्रेरणा - साधकों के लिए श्री आशुतोष महाराज जी का दिव्य मार्गदर्शन! प्रखर शब्द के मूल अर्थ के अनुरूप दिव्य भजनों, विचारों व दृष्टांतों से संपन्न यह विशेष श्रृंखला साधना पथ के अनुगामियों के मार्ग में आने वाली नकारात्मकता, जड़ता और तमस पर तीक्ष्ण प्रहार भी है और उनके आध्यात्मिक उत्थान की कारक भी।