चंडीगढ़ 1 सितम्बर:-पंजाब सरकार द्वारा पशु पालकों को सूअर और बकरी पालन का धंधा करने के लिए विशेष यूनिट स्थापित किये जाने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है और इसके साथ ही पशु पालकों को यूनिट स्थापित किये जाने के लिए सब्सिडी भी सरकार द्वारा दी जाती है।

यह जानकारी देते हुए डा. एच एस काहलों, डायरैक्टर, पशु पालन विभाग ने बताया कि दफ़्तर डिप्टी डायरैक्टर ( ट्रेनिंग ) पटियाला में फार्मरों के लिए पाँच दिनों का सूअर पालन और दो दिनों की बकरी पालन की ट्रेनिंग करवाई जाती है। इन ट्रेनिंगों में कोई भी पशु पालक हिस्सा लेकर सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकता है। इस सर्टिफिकेट के आधार पर पशु पालक बैंक में से लोन लेकर नाबार्ड बैंक से सब्सिडी प्राप्त कर सकता है। इसके इलावा यहाँ वी.ओ. और वी. आई को सरकार की हिदायतों के अनुसार समय-समय पर ट्रेनिंग दी जाती हैं। गाँवों में पशु जागरूकता कैंप लगाए जाते हैं।

उन्होंने बताया कि साल 2020-21 में 33 ट्रेनिंग कोर्स करवाए गए जिसके दौरान 337 किसानों को ट्रेनिंग दी गई। इसी तरह साल 2020-21 के दौरान 10 पशु जागरूकता कैंप लगा कर कुल 358 किसानों को ट्रेनिंग दी गई जबकि साल 2020-21 में ही आयोजित की गई 1 न्यू वी.ओ. ओरीऐंटेशन ट्रेनिंग के दौरान 114 किसानों को ट्रेनिंग प्रदान की गई। डा. काहलों ने बताया कि सूअर पालन की एक यूनिट (20 मादा, 4 नर) स्थापित किये जाने पर तकरीबन 8 लाख रुपए का खर्चा आता है जिसमें से 2 लाख रुपए तक की बैक ऐंडिड सब्सिडी पंजाब सरकार द्वारा दी जाती है। उन्होंने बताया कि इस यूनिट को स्थापित किये जाने के लिए सम्बन्धित किसान ने सिर्फ़ 80 हज़ार रुपए की मार्जिन मनी देनी होती है और बाकी की रकम का लोन बैंक से हो जाता है। इस तरह बकरी पालन 40 और 2(40 मादा, 2 नर) स्थापित किये जाने पर तकरीबन 1लाख रुपए का खर्चा आता है। यह यूनिट स्थापित किये जाने के लिए जनरल केटेगरी के व्यक्ति को 25 हज़ार रुपए और अनुसूचित जाति के व्यक्ति को 33 हजार रुपए की बैक ऐंडिड सब्सिडी पंजाब सरकार द्वारा दी जाती है।