पिछले और इस वर्ष प्रधानमंत्री को लिखे पत्रों पर कोई कार्यवाही न होने पर जताई चिंता


चंडीगढ़, 2 सितम्बरः-पंजाब गऊ सेवा आयोग के चेयरमैन श्री सचिन शर्मा ने आज इलाहाबाद हाई कोर्ट की उस टिप्पणी का स्वागत किया जिसमें हाई कोर्ट ने केंद्र को कहा है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।

इस सम्बन्धी आयोग की एक ज़रूरी मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये श्री शर्मा ने कहा कि कानून माहिर भी मानते हैं कि गाय की अहमीयत अतुल्य है और पवित्र ग्रंथों के मुताबिक भी गाय श्रद्धा का प्रतीक है।

गाय को बनता सम्मान देने सम्बन्धी भारत के प्रधानमंत्री को 5 अगस्त, 2020 और 15 जून, 2021 को लिखे पत्रों का ज़िक्र करते हुये उन्होंने मोदी सरकार को पूछा कि उनके द्वारा नेपाल की तरह गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की की गई अपील पर सरकार द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई है? उन्होंने अफ़सोस जताया कि इन पत्रों की ओर काई ध्यान नहीं दिया गया और न ही अब तक गौधन पर ज़ुल्म और गाय हत्या के विरुद्ध कोई ठोस कानून बनाया गया। चेयरमैन ने दोष लगाया कि वास्तव में भारत सरकार गाय की अहमीयत को पूरी तरह भुला चूकी है। इसी तरह भाजपा के किसी भी कार्यकर्ता ने गाय के कल्याण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

श्री शर्मा ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के सुझाव की रौशनी में केंद्र सरकार को अपनी बंद आँखें खोल कर बनती कार्यवाही अमल में लानी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं पहले ही यह बात कहता आया हूँ कि जिस धरती पर गऊमाता का निरादर होता हो, उस धरती पर किया जाने वाला कोई भी धार्मिक कार्य सफ़ल नहीं हो सकता।“

मीटिंग में श्री विपन शर्मा प्रधान निष्काम सेवा सोसायटी काली माता मन्दिर पटियाला, श्री लाली मुल्तानी सीनियर उप प्रधान शेरे पंजाब एन.जी.ओ., स. जगदेव सिंह जनरल सचिव लोक हित सेवा समिति पंजाब, श्री संजीव गोयल, श्री सुभाष हैप्पी और श्री सन्नी नागरा मौजूद थे।