चण्डीगढ़, 29 सितम्बर:-पंजाब पुलिस के अधिकृत प्रवक्ता ने आज डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को क्लीन चिट देने सम्बन्धी सभी दोषों को कोरा झूठ और बेबुनियाद कह कर पूरी तरह से रद्द कर दिया।

यह बयान उस समय पर जारी किया गया है जब इकबाल प्रीत सिंह सहोता, जिनको डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, की तरफ से 2015 में बरगाड़ी बेअदबी मामलों की जाँच में एस.आई.टी. द्वारा गुरमीत राम रहीम को क्लीन चिट देने की मीडिया रिपोर्टें सामने आई हैं।

जि़क्रयोग्य है कि 12 अक्टूबर 2015 को गाँव बरगाड़ी में पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अंग बिखरे हुए पाए गए थे और पुलिस स्टेशन बाजाखाना में आइपीसी की धारा 295, 120-बी के अंतर्गत एफआईआर नंबर 128 तारीख़ 12.10.2015 दर्ज की गई थी। गाँव बरगाड़ी में पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले की जाँच के लिए इकबाल प्रीत सिंह सहोता, जो उस समय पर डायरैक्टर ब्यूरो ऑफ इनवैस्टीगेशन (बीओआई) थे, के नेतृत्व में एक एस.आई.टी. का गठन किया गया था।

प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि एसआईटी ने सिफऱ् 20 दिनों (14 अक्टूबर 2015 से 2 नवंबर 2015) तक काम किया था, जिसके बाद केस केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया था।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पूरी जाँच सीबीआई द्वारा की गई थी ना कि इकबाल प्रीत सिंह सहोता के नेतृत्व वाली एस.आई.टी. की तरफ से।’’ उन्होंने यह भी कहा कि गुरमीत राम रहीम या किसी अन्य व्यक्ति को कोई क्लीन चिट नहीं दी गई।