41 साल बाद ओलम्पिक पदक जीतने वाली हॉकी टीम को दी बधाई

चंडीगढ़:_टोक्यो में ओलम्पिक खेल में 41 साल बाद पदक जीतकर देश का नाम रौशन करने वाली भारतीय हॉकी टीम को बधाई देते हुए लोक निर्माण और स्कूल शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि खेल के सबसे बड़े मंच पर नाम कमाने वाली टीम के पंजाबी खिलाड़ियों के गाँवों /शहरों को जाने वाली सड़कों और इन खिलाड़ियों के गाँवों के स्कूलों के नाम उनको समर्पित किये जाएंगे।

आज यहाँ जारी प्रैस बयान में श्री सिंगला ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद दोनों विभागों, लोक निर्माण और स्कूल शिक्षा, को इस पर काम करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की रिहायश को जाती सड़क /मार्ग और उनके इलाके के स्कूल का नाम सम्बन्धित ओलम्पिक पदक विजेता खिलाड़ी को समर्पित किया जायेगा। इस फ़ैसले को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए विभागों को हिदायत दे दी गई है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने देश का नाम रौशन किया है और इससे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी।

श्री सिंगला ने कहा कि देश के खेलों में पंजाब का सुनहरी योगदान रहा है। टोक्यो ओलम्पिक्स में भारतीय खेल दल में खिलाड़ियों की संख्या के हिसाब से पंजाब दूसरे स्थान पर था क्योंकि 124 खिलाड़ियों में से 20 खिलाड़ी पंजाब के थे। पुरुष हॉकी टीम में 11 खिलाड़ी पंजाब के थे जिनमें कप्तान मनप्रीत सिंह, उप कप्तान हरमनप्रीत सिंह, रुपिन्दरपाल सिंह, सिमरनजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, गुरजंट सिंह, हार्दिक सिंह, शमशेर सिंह, वरुण कुमार और कृष्ण पाठक शामिल थे। महिला हॉकी टीम ने भी बहुत बढ़िया प्रदर्शन दिखाया और पहली बार सेमीफ़ाईनल में जगह बनाई। काँस्य पदक वाले मैच में बरतानिया के हाथों हार जाने के कारण पदक से एक कदम दूर रह गई परन्तु टीम ने बढ़िया खेल दिखाया। महिला टीम में पंजाब की गुरजीत कौर और रीना खोखर थे। इसी तरह एक और एथलीट कमलप्रीत कौर ने डिस्कस थ्रो के फ़ाईनल में जगह बनाते हुए छठा स्थान हासिल किया। ओलम्पिक खेल में मुक्केबाज़ सिमरनजीत कौर, एथलीट तेजिन्दर पाल सिंह तूर और गुरप्रीत सिंह, निशानेबाज़ अंगदवीर सिंह और अंजुम मौदगिल्ल ने पंजाब की नुमायंदगी की। एक बैडमिंटन खिलाड़ी पलक कोहली पैरालम्पिक में पंजाब की नुमायंदगी करेगी।