चंडीगढ़, 5 अगस्तः-पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज टोक्यो ओलम्पिक-2020 के हॉकी के कांस्य पदक के मुकाबले में जर्मनी को 5-4 से हराने के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बधाई दी है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा, “ओलम्पिक में हुए रोमांचक मैच में भारत की पुरुष हॉकी टीम ने जर्मनी को हराकर कांस्य पदक जीता है जो पूरे मुल्क के लिए गौरवमयी और ऐतिहासिक पल हैं। इस शानदार उपलब्धि स्वरूप भारतीय टीम ने 41 वर्षों बाद विजेता मंच पर फिर से कदम रखा है जिस कारण हॉकी में कांस्य पदक हासिल करना हमारे लिए स्वर्ण पदक जितनी ही अहमियत रखता है। भारतीय टीम को बधाई।“

मुख्यमंत्री ने ख़ुशी के पल साझा करते हुए कहा कि समूची टीम ने इस प्रतिष्ठित सम्मान के साथ देश वासियों और पंजाबियों का सिर गर्व से ऊँचा किया है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने उम्मीद ज़ाहिर की कि वह दिन अब दूर नहीं, जब हमारा राष्ट्रीय खेल हॉकी समय के बीतने के साथ खोई हुई शान फिर से हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में शुरुआत हो चुकी है।

हॉकी के उज्ज्वल भविष्य के लिए भरोसा ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम भुवनेश्वर में होने वाले विश्व हॉकी कप-2023 और पैरिस के ओलम्पिक 2024 में मैडल का रंग निश्चित तौर पर बदलेगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जर्मनी के विरुद्ध भारत की अनूठी उपलब्धि निश्चित तौर पर टीम के साझे यत्नों का परिणाम है, हालाँकि, यह पंजाब के लिए भी गौरव के पल हैं क्योंकि टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह, उप कप्तान हरमनप्रीत सिंह के अलावा रुपिन्दरपाल सिंह, मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, शमशेर सिंह, हार्दिक सिंह, सिरमनजीत सिंह, गुरजंट सिंह, वरुण कुमार और कृष्ण पाठक सहित 11 खिलाड़ी पंजाब के सपूत हैं।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आगे कहा कि टीम के अन्य सदस्यों ख़ासकर भारतीय गोलकीपर पी.आर. श्रीजेश ने मुल्क के लिए कांस्य पदक जीतकर लाने में ग़ज़ब का प्रदर्शन किया है।

ज़िक्रयोग्य है कि वर्ष 1928 से 1980 तक ओलम्पिक खेलों में भारतीय हॉकी का सुनहरा युग रहा है जिस दौरान भारत ने आठ स्वर्ण पदक, एक रजत और दो कांस्य पदक हासिल किये थे। आज के कांस्य पदक के साथ ओलम्पिक में मैडलों की संख्या 12 तक पहुँच गई है। इसके अलावा भारतीय हॉकी टीम वर्ष 1975, 1973 और 1971 के हॉकी विश्व कप में क्रमवार स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक भी जीत चुकी है।