चंडीगढ़, 16 अगस्त:-कोविड महामारी के खि़लाफ़ राज्य सरकार द्वारा लड़ी जा रही जंग को और मजबूत करते हुये पंजाब सरकार ने सरकारी मेडिकल कालेज अमृतसर और पटियाला में सुपर स्पैशलिटी डाक्टरों की तरक्की कोटे के खाली पदों को प्रत्यक्ष भर्ती के कोटे में तबदील करने का फ़ैसला किया है। 

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अध्यक्षता अधीन सोमवार को हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग में फ़ैसला किया गया जिसके अंतर्गत इन कालेजों में विभिन्न विभागों में खाली पड़े ऐसे 80 पदों को भरने की भी मंजूरी दे दी। यह सभी पद पंजाब लोक सेवा कमीशन के घेरे में से निकाल कर डा. के. के. तलवार कमेटी के द्वारा भरने का भी फ़ैसला किया गया।

यह फ़ैसला कोविड -19 महामारी की तीसरी लहर की संभावना से प्रभावशाली तरीके से निपटने के अलावा लोगों को अन्य सुपर स्पैशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं देने में कारगार साबित होगा।

मंत्रीमंडल द्वारा विजीलैंस आयोग में सहयोगी स्टाफ के पदों की सृजन करने को मंजूरी -

पंजाब राज्य विजीलैंस आयोग के कामकाज को और मज़बूत करते हुये मंत्रीमंडल ने सोमवार को आयोग में विभिन्न पदों के सृजन करने को भी मंजूरी दे दी। इन पदों में रजिस्ट्रार, संयुक्त रजिस्ट्रार, अंडर सैक्ट्री, सुपरडैंट, प्राईवेट सैक्ट्री, रीडर, जूनियर स्केल स्टैनोग्राफ्र /स्टेनो-टाईपिस्ट और स्टेनो-टाईपिस्ट के एक -एक पद और सीनियर सहायक, क्लर्क और क्लर्क-कम -डाटा एंट्री आपरेटर के दो-दो पदों के अलावा तीन पद निजी सहायक के शामिल हैं।

इस स्टाफ को स्टेट मुख्य विजीलैंस कमिशनर के कार्यकाल की समय -सीमा अनुसार फिर -भर्ती के आधार पर नियुक्त किया जायेगा।

राज्य की मौजूदा भ्रष्टाचार रोकथाम एजेंसी विजीलैंस ब्यूरो के अलावा भ्रष्टाचार से निपटने के लिए पंजाब राज्य विजीलैंस आयोग का गठन पंजाब स्टेट विजीलैंस कमीशन एक्ट, 2020 के अधीन किया गया। विजीलैंस ब्यूरो और राज्य सरकार के सभी विभागों के कामकाज पर और ज्यादा प्रभावशाली निगरानी रखने के लिए एक स्वतंत्र संस्था की स्थापना की ज़रूरत महसूस की गई थी।

एक्ट की व्यवस्थाओं के अंतर्गत जस्टिस महिताब सिंह गिल (सेवा मुक्त) को स्टेट चीफ़ विजीलैंस कमिशनर नियुक्त किया गया और उन्होंने 4 अप्रैल, 2021 को कार्यभार संभाला।