मुख्य सचिव ने होमी भाभा कैंसर अस्पताल के न्यू चण्डीगढ़ में निर्माण स्थान का दौरा करके प्रगति की की गई समीक्षा

कहा, 664 करोड़ रुपए की लागत वाली 300 बिस्तरों वाली यह अत्याधुनिक सुविधा तीसरे दर्जे के केयर सैंटर के तौर पर उत्तरी क्षेत्र के कैंसर के मरीज़ों की ज़रूरतों की करेगी पूर्ति

65,000 कैंसर मरीज़ों को नकद रहित इलाज मुहैया करवाया

चण्डीगढ़, 20 अगस्त:-न्यू चण्डीगढ़ (मोहाली) में मेडिसिटी में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र की प्रगति का जायज़ा लेते हुए मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन ने भरोसा दिया कि इस अत्याधुनिक कैंसर ट्रशरी केयर की सुविधाओं को इस साल नवंबर से कार्यशील किया जाएगा। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को इस प्रतिष्ठित प्रोजैक्ट के जल्द उद्घाटन के लिए अपेक्षित सहायता प्रदान करने के निर्देश भी दिए। निर्माण स्थान पर दौरे के दौरान श्रीमती महाजन को बताया गया कि बहुप्रतीक्षित होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र मुकम्मल होने के नज़दीक है।

इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल प्रोजैक्ट की प्रगति का जायज़ा लेते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि 300 बिस्तरों वाला यह अत्याधुनिक अस्पताल समूचे उत्तरी क्षेत्र, जिसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश शामिल हैं, के लिए तीसरे दर्जे की सेवाओं के लिए सैंटर के तौर पर काम करेगा। 

उन्होंने बताया कि अस्पताल में रेडियोथैरेपी, रेडियोलॉजी, सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, मैमोग्राफी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, कीमोथैरेपी, डे-केयर वॉर्ड, पैथोलॉजी और लैब सुविधाएं, माइनर ओटी, ओपीडी सेवाएं शुरू करने के अलावा सर्जीकल ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडीएशन ऑन्कोलॉजी, पैलीएटिव केयर प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने आगे बताया कि यह सुविधाएं इसी साल नवंबर से मरीज़ों के लिए उपलब्ध होंगी।

अस्पताल के निर्माण स्थान पर चल रहे कार्यों का जायज़ा लेते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अपने नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है और मुख्यमंत्री इस केंद्र को लोगों के लिए जल्द से जल्द उपलब्ध करवाने की इच्छा रखते हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन टाटा मेमोरियल सैंटर मुम्बई की एक इकाई 663.74 करोड़ रुपए की मंज़ूरशुदा लागत से 40,545 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित की जा रही है, जिसके लिए 50 एकड़ ज़मीन पंजाब सरकार द्वारा मुफ़्त मुहैया करवाई गई है।

श्रीमती महाजन ने कहा कि कैंसर केयर सैंटर अत्याधुनिक डायग्नौस्टिक और इलाज सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें टू लिनियर एक्सेलेरेटर, ब्रैकीथैरेपी, पीईसीटी सीटी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी), सीटी सिम्युलेटर, एमआर सिम्युलेटर, इंटरवैंशनल रेडियोलॉजी और सर्जीकल सुविधा के साथ नल डे-केयर सैंटर, आई.सी.यू. और रिकवरी यूनिट्स शामिल हैं। 

उन्होंने बताया कि इलैक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्डों की सुविधा वाला यह अस्पताल पूरी तरह आईटी आधारित होगा। उन्होंने आगे बताया कि यह देश भर में स्थित सभी टाटा मैमोरियल सेंटरों के साथ भी जुड़ा होगा। यह इस क्षेत्र के मरीज़ों को डिसीज़ मैनेजमेंट ग्रुप्स (डीएमजी) के अधीन अलग-अलग किस्मों की कैंसर की बीमारियों के प्रबंधन के लिए ऑनलाइन सुपर-स्पेशियलिटी कंसलटेशन लेने में सहायता करेगा। 

श्रीमती महाजन ने कहा कि डॉक्टरों और नर्सों के लिए रेहायशी होस्टल और फेकल्टी के लिए रेहायश की सुविधा के अलावा अस्पताल में विशेष तौर पर बनाई गई धर्मशाला में कैंसर के मरीज़ों के लिए ठहरने की सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। 

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के मालवा क्षेत्र में संगरूर और बठिंडा में दो अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल पहले ही कार्यशील हैं।

संगरूर के होमी भाभा कैंसर अस्पताल में अब तक 23,000 से अधिक कैंसर मरीज़ों का इलाज किया जा चुका है, जबकि बठिंडा के एडवांस कैंसर डायगनोसिस, ट्रीटमेंट एंड रिसर्च सैंटर में अब तक 2500 से अधिक कैंसर के मरीज़ों का इलाज किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में कैंसर के इलाज की सुविधाओं को और मज़बूत करने के लिए फाजिल्का में एक तीसरे दर्जे का कैंसर केयर सैंटर भी स्थापित किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने आगे बताया कि इस सैंटर सम्बन्धी मुख्य सिविल कार्य मुकम्मल हो चुके हैं और अगले साल इसके कार्यशील होने की संभावना है।

श्रीमती महाजन ने कहा कि राज्य के अलग-अलग कैंसर अस्पतालों में मुख्यमंत्री पंजाब कैंसर राहत कोष स्कीम के अधीन 65,000 से अधिक कैंसर मरीज़ों को नकद रहित इलाज मुहैया करवाया गया है।

यह प्रोजैक्ट मुकम्मल होने पर न सिफऱ् इस क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाएगा बल्कि मेडिकल पर्यटन को प्रोत्साहित करने में भी सहायता करेगा, क्योंकि राज्य सरकार अलग-अलग पहलकदमियों के द्वारा अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और मोहाली को मेडिकल पर्यअन केंद्र के तौर पर विकसित कर रही है।

जि़क्रयोग्य है कि मैडीसिटी न्यू चण्डीगढ़ में पीजीआई, चण्डीगढ़ के नज़दीकी क्षेत्र में 250 एकड़ में फैली हुई है जिसमें मल्टी-स्पैशियलिटी और सुपर-स्पैशियलिटी अस्पताल, मेडिकल अनुसंधान संस्थाओं और डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के लिए रिहायश सुविधाएं शामिल हैं।

इस दौरे के दौरान मुख्य सचिव के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव विवेक प्रताप, डायरैक्टर टाटा मेमोरियल सैंटर, मुम्बई डॉ. आर.ए. बडवे, डिप्टी कमिश्नर मोहाली गिरीश दयालन, डायरैक्टर होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, न्यू चण्डीगढ़ डॉ. राकेश कपूर, अफ़सर इंचार्ज एच.बी.सी.एच. एंड आर.सी., न्यू चण्डीगढ़ डॉ. आशीष गुलिया उपस्थित थे।