चंडीगढ़, 18 अगस्त:-राजस्व वसूली में वृद्धि दिखाते हुए राज्य को अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक कुल 7466.62 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। पिछले वर्ष (अप्रैल 2019 से मार्च 2020) एकत्रित 61529.27 करोड़ रुपए के राजस्व की तुलना में 68995.89 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं जोकि 12.14 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

इस संबंधी जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के अपने कर राजस्व (ओ.टी.आर) में पिछले वर्ष के मुकाबले 0.19 प्रतिशत की मामूली वृद्धि का रुझान देखा गया, जोकि 30,057 करोड़ रुपए बनता है, जिसमें प्रमुख हिस्सों के तौर पर राज्य आबकारी लगभग (27 प्रतिशत), स्टैंप्स और रजिस्ट्रेशन (9 प्रतिशत) और वैट (3 प्रतिशत) शामिल हैं। जबकि वाहनों और एस.जी.एस.टी. पर लगने वाले टैक्सों में पिछले वर्ष के मुकाबले क्रमवार लगभग 27 और 7 प्रतिशत की कमी देखी गई है।

जि़क्रयोग्य है कि राज्य का अपना कर रहित राजस्व (एन.टी.आर) 4152 करोड़ रुपए था, और वित्त वर्ष 2019-20 दौरान इसमें 37 प्रतिशत की महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई। कुछ हैड जैसे कि मैडीकल और पब्लिक हैल्थ (15 प्रतिशत), पुलिस (47 प्रतिशत) और खनन (33 प्रतिशत) में वृद्धि का रुझान है जोकि शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति (30 प्रतिशत), सडक़ यातायात (38 प्रतिशत) और अन्य (62 प्रतिशत) की बड़ी गिरावट पाई गई है।

राज्य में प्राप्त हुए केंद्रीय टैक्सों का हिस्सा 10,634 करोड़ रुपए बनता है, जोकि 2019-20 के मुकाबले 3 प्रतिशत (लगभग) की वृद्धि दिखाता है।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि 2020-21 दौरान केंद्र की तरफ से ग्रांट-इन-एड (जी.आई.ए.) का कुल 24,153 करोड़ प्राप्त हुआ जो लगभग 65 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। केंद्र की तरफ से जी.आई.ए. में 80 प्रतिशत वृद्धि हुई है जो 7,659 करोड़ रुपए बनता है और यह आर.डी अनुदान के परिणामस्वरूप संभव हुआ है। राज्य को 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार आर.डी ग्रांट के कारण वित्त वर्ष 2020-21 दौरान 638.25 करोड़ रुपए प्रति माह प्राप्त हुए हैं।

राजस्व खर्च में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जोकि अब 75,819 करोड़ रुपए से बढक़र 87,096 करोड़ हो गई है, जिसमें मुख्य तौर पर वित्त वर्ष 2019-20 में पैंशन और रिटायरमेंट लाभों में 33 प्रतिशत (अर्थात 3,381 करोड़ रुपए) की बड़ी वृद्धि शामिल है। इसके साथ ही ब्याज के भुगतान में 1,585 करोड़ रुपए (9 प्रतिशत) की वृद्धि और आम शिक्षा के अधीन खर्च: 1,134 करोड़ रुपए (11 प्रतिशत वृद्धि) की वृद्धि देखी गई है। इसके अलावा अप्रैल-मार्च 2021 दौरान 9,657 करोड़ रुपए की बिजली सब्सिडी जारी की गई। प्रवक्ता ने बताया कि पूँजीगत खर्च में 97 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जोकि 2,224 करोड़ रुपए से 4382 करोड़ रुपए तक बढक़र लगभग दोगुना हो गया है।