ज़िला प्रशासन की तैयारी संबंधी की समीक्षा

मुख्य सचिव ने दयानन्द मैडीकल कॉलेज और अस्पताल में लुधियाना के कोविड योद्धाओं का किया सम्मान

डी.एम.सी.एच में लड़कों के होस्टल का उद्घाटन और वार्षिक डिग्री वितरण समारोह की की अध्यक्षता

चंडीगढ़/लुधियाना, 7 अगस्तः-कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को और मज़बूती प्रदान करने के लिए ज़िला लुधियाना में 10 प्रेशर स्विंग एडसोर्पशन (पी.एस.ए.) ऑक्सीजन उत्पादन प्लांटों और पीडियाट्रिक इनटैंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) की स्थापना की जा रही है।

यह जानकारी मुख्य सचिव, श्रीमती विनी महाजन ने शनिवार को लुधियाना में कोविड योद्धाओं के सम्मान में आयोजित एक सम्मान समारोह ’नमन’ को संबोधन करते हुए साझा की।
श्रीमती महाजन ने कहा कि 5,500 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) की सामर्थ्य वाले 10 पीएसए प्लांटों में से, दो ऐसे प्लांटों पर काम पहले ही मुकम्मल हो चुका है और बाकी इस महीने के अंदर पूरा हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल, लुधियाना में पीडियाट्रिक इनटैंसिव केयर यूनिट (पी.आई.सी.यू.) भी अगले हफ़्ते तक तैयार हो जायेगा।
पहली और दूसरी लहरों से लड़ाई में ज़िला प्रशासन, लुधियाना के यत्नों की सराहना करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जिले की 50 प्रतिशत योग्य आबादी की तरफ से कोविड टीकाकरण की पहली या दोनों ख़ुराकें ली जा चुकी हैं, जिसके स्वरूप महामारी की संभावित लहर से प्रभावशाली ढंग से लड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि तीसरी लहर से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर सैंपलिंग करने के निर्देश भी जारी किये गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि महामारी के खि़लाफ़ लड़ाई में एक प्रमुख अंश के तौर पर उभर रहे नये वैरीएंट की जल्द पहचान के लिए सरकारी मैडीकल कॉलेज और अस्पताल (जी.एम.सी.एच.) पटियाला में जिनोम सीकूएंस लेबोरेटरी जल्द ही काम करना शुरू कर देगी।
इसके उपरांत, मुख्य सचिव ने लुधियाना जिले में तीसरी लहर की निगरानी के लिए डाटा एकत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर भी लांच किया है, जिसकी मोहाली और गुरदासपुर में जल्द शुरुआत की जा रही है। 
इससे पहले मुख्य सचिव ने दयानन्द मैडीकल कॉलेज और अस्पताल (डी.एम.सी.एच.) में आयोजित ‘नमन’ समारोह दौरान कोविड योद्धाओं को महामारी के खि़लाफ़ जंग में उनके अथक यत्नों को मान्यता देते हुए सम्मानित किया। 
कोविड-19 महामारी दौरान मानवता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाने और निरंतर काम करने के लिए अगली कतार के योद्धाओं की सराहना करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इन योद्धाओं ने इस घातक वायरस से कीमती जानों को बचाने के अलावा कोविड के खि़लाफ़ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि इनकी तरफ से दिखाई गई निडरता दूसरों के लिए लोगों की मदद करने और उनको इस संक्रमाण से बचाने के लिए एक प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि महामारी के खि़लाफ़ लड़ाई सबसे मुश्किल है क्योंकि दुशमन अदृश्य है परन्तु डॉक्टरों, पैरा मैडीकल स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मचारियों की तरफ से निभाई गई बेमिसाल सेवाएं सराहनीय हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ये कोरोना योद्धा असली नायक हैं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए महामारी की रोकथाम में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि कोविड योद्धा तब तक बेमिसाल प्रदर्शन करते रहेंगे जब तक महामारी के विरुद्ध लड़ाई जीती नहीं जाती।
मुख्य सचिव ने कहा कि जब घातक वायरस तबाही मचा रहा था तब इन योद्धाओं ने लोगों में उम्मीद जगाई और मरीज़ों के इलाज में घंटों तक कड़ी मेहनत की। उन्होंने कहा कि इनके कारण पंजाब में दोनों लहरों के दौरान आने वाले कोविड-19 मरीज़ों में से किसी को भी इलाज से इन्कार नहीं किया गया।
उन्होंने समूचे अस्पतालों को कोविड-19 महामारी और इसकी संभावित तीसरी लहर के प्रभावशाली नियंत्रण और प्रबंधन के लिए जिलों में सम्बन्धित प्रशासन के साथ मिलकर काम करने के लिए भी कहा। 
इसके उपरांत मुख्य सचिव की तरफ से डी.एम.सी.एच. में नये बने लड़कों के होस्टल का उद्घाटन भी किया गया। उन्होंने डी.एम.सी.एच. के वार्षिक डिग्री वितरण समारोह की अध्यक्षता भी की और नौजवान ग्रैजूएटज़ को डिग्रीयाँ सौंपी। उन्होंने नौजवान डॉक्टरों को यह सफलता प्राप्त करने के लिए मुबारकबाद देते हुए उनको मानवता ख़ासकर गरीब लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।
कोविड-19 दौरान अपनी जान गंवाने वालों के लिए एक मिनट का मौन भी रखा गया।
इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर वरिन्दर कुमार शर्मा, पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर प्रदीप सभरवाल और अन्य मौजूद थे।
डी.एम.सी., सी.एम.सी., ओसवाल अस्पताल, एस.पी.एस. अस्पताल, फोर्टिस अस्पताल, आई.एम.ए. लुधियाना के डॉक्टरों, डिप्टी डायरेक्टर डॉ. हितेंदर सोहल, डॉ. विवेक कटारिया के अलावा जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, एंबुलेंस चालकों, सुरक्षा कंट्रोल रूम कर्मचारियों, ख़ुराक सेवाएं, फिज़ीयोथैरेपिस्ट, नर्सिंंग स्टाफ और दूसरां को समारोह दौरान सम्मानित किया गया।