मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह समेत कई सख़शियतें करेंगी श्रद्धांजलि भेंट

2.61 करोड़ की लागत के साथ 4 एकड़ में तैयार किये मेमोरियल में शहीद की तांबे का प्रतिमा, निशानियां संभालने के लिए अजायब घर, कैफेटेरिया और अन्य सुविधाएं होंगी उपलब्ध - डिप्टी कमिशनर

चंडीगढ़/ सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर), 30 जुलाई:-शहीद ऊधम सिंह की शहादत को नमन करने और उनके साहसी कारनामों की याद को शाश्वत बनाने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से सुनाम ऊधम सिंह वाला में 2.61 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित स्मारक कल 31 जुलाई, 2021 को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से लोकार्पित किया जायेगा। सुनाम ऊधम सिंह वाला में अतिरिक्त मुख्य सचिव सैर -सपाटा विभाग श्री संजे कुमार, डायरैक्टर मैडम कंवल प्रीत बराड़ और मैडम दामन थिंड बाजवा के साथ यादगार स्मारक के उद्घाटनी समारोह की तैयारियों का जायज़ा लेने के मौके डिप्टी कमिशनर संगरूर श्री रामवीर ने बताया कि स्मारक लोकार्पित करने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से 31 जुलाई को ऊधम सिंह जी के शहीदी दिवस के मौके पर राज्य स्तरीय समारोह बनाया गया है जिसके लिए पुख़्ता प्रबंध यकीनी बनाऐ जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मौके पर पर्यटन और सांस्कृतिक मामले मंत्री, पंजाब स. चरनजीत सिंह चन्नी, स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री पंजाब श्री विजय इंदर सिंगला और चेयरमैन मंडी बोर्ड स. लाल सिंह समेत कई अन्य सख़शियतें भी शहीद ऊधम सिंह को श्रद्धा सुमन भेंट करने के लिए पहुँच रही हैं।

डिप्टी कमिशनर ने बताया कि सुनाम-मानसा सडक़ पर 4 एकड़ जगह पर तैयार किये गये शहीद ऊधम सिंह स्मारक में शहीद की तांबे का प्रतिमा, उनकी निशानियाँ संभालने और प्रदर्शनी के लिए अजायब घर, कैफेटेरिया और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि स्मारक की रूप रेखा और डिज़ाइन चीफ़ आर्कीटैकट पंजाब की तरफ से तैयार किया गया है और इसमें लोगों की सुविधा के लिए पार्किंग, हरियाली भरपूर लैंड स्केपिंग और पाथवेअज़, रैन शैलटजऱ्, रिवायती छवि वाली लाइटें आदि सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इसके इलावा स्मारक के आसपास रैड-सैंडस्टोन का प्रयोग किया गया है और शहीद की प्रतिमा के सामने गोलाकार डिज़ाइन में फूलों वाले पौधों की क्यारियां तैयार करवाई गई हैं।

 श्री रामवीर ने बताया कि शहीद ऊधम सिंह ने 21 साल बाद जलियांवाला बाग़ के कत्लेआम का बदला लिया और 31 जुलाई, 1940 को लन्दन की जेल में फांसी देकर उनको शहीद किया गया था। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह की बहादुरी वाले कार्य के प्रचार के लिए भी प्रतिमा के आसपास उनकी जिं़दगी से सम्बन्धित इतिहास पंजाबी और अंग्रेज़ी भाषाओं में पत्थरों पर बहुत बारीकी से नक्काशी की गई है। उन्होंने कहा कि यह स्मारक मेें आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा स्रोत बन कर उभरेगी और नौजवानों को जी-जान से देश की सेवा करने के लिए उत्साहित करेगी।

इस मौके पर अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर अनमोल सिंह धालीवाल, एस.डी.एम. सुनाम मनजीत कौर, कांग्रेसी नेता हरमनदेव सिंह बाजवा, तहसीलदार कुलदीप सिंह, सिवल सर्जन संगरूर डा. अंजना गुप्ता और सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।