पंजाब यूथ विकास बोर्ड की कारगुज़ारी की समीक्षा की

बोर्ड के अधिकारियों का सम्मान कायम रखने के लिए जि़ला प्रशासन को लिखा जायेगा पत्र

बोर्ड अधिकारियों को जि़ला शिकायत निवारण कमेटियों में शामिल करने के लिए कार्यवाही शुरु करने के निर्देश

बोर्ड सदस्यों को ग़ैर-कार्यशील यूथ क्लबों को सुरजीत करने की जि़म्मेदारी सौंपी

हर क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाले नौजवानों को सम्मानित करने के लिए नवंबर में नौजवान मेला करवाने का ऐलान

बोर्ड के चेयरमैन ने उपलब्धियां गिनवाईं

चंडीगढ़, 30 जुलाई:-पंजाब के खेल और युवा सेवाएं मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने आज यहाँ ऐलान किया कि टोक्यों ओलंपिक में हिस्सा ले रही भारतीय हॉकी टीम की तरफ से स्वर्ण पदक जीतने पर पंजाब के हर खिलाड़ी को व्यक्तिगत तौर पर 2.25 करोड़ रुपए के इनाम के साथ सम्मानित किया जायेगा। बता दें कि इससे पहले स्वर्ण पदक जीतने पर दी जाती 2.25 करोड़ रुपए की राशि पूरी टीम के लिए होती थी।

यहाँ पंजाब भवन में यूथ विकास बोर्ड की मीटिंग के उपरांत पत्रकारों को संबोधन करते हुये राणा सोढी ने कहा कि ओलंपिक में गए पंजाब के 20 खिलाडिय़ों में से भारतीय हॉकी टीम में 11 खिलाड़ी शामिल हैं। हॉकी टीम के शानदार प्रदर्शन पर खिलाडिय़ों को बधाई देते हुये उन्होंने कहा कि उनको 3 से 4 पदक जीतने की उम्मीद है।

पंजाब यूथ विकास बोर्ड की कारगुज़ारी की समीक्षा करते हुये राणा सोढी ने डायरैक्टर खेल और युवा सेवाएं श्री डी.पी.एस. खरबन्दा को निर्देश दिए कि वह बोर्ड के अधिकारियों का सम्मान कायम रखें और उनको सरकारी समागमों में बुलाने सम्बन्धी समूह जि़लों के डिप्टी कमिश्नरों को पत्र जारी करें और बोर्ड अधिकारियों को जि़ला शिकायत निवारण कमेटियों में शामिल करने के लिए जल्दी से जल्दी कार्यवाही करें। इस मौके पर उनके साथ बोर्ड के चेयरमैन श्री सुखविन्दर सिंह बिंद्रा भी मौजूद थे।

राणा सोढी ने बोर्ड के अधिकारियों और सदस्यों को गाँवों और शहरों में ग़ैर-कार्यशील यूथ क्लबों को सुरजीत करने की जि़म्मेदारी भी सौंपी। उन्होंने कहा कि बोर्ड के अधिकारी गाँवों के दौरे करें और लोगों के साथ सीधा सम्पर्क कायम करें जिससे लोगों की दुख-तकलीफ़ों को सरकार तक पहुँचा कर उनका तुरंत हल किया जा सके। मंत्री ने कहा कि अगले महीने होने वाली समीक्षा मीटिंग में समूह अधिकारियों की इस सम्बन्धी कारगुज़ारी का जायज़ा लिया जायेगा।

राणा सोढी ने विभिन्न विभागों के हैडक्वाटर पर तैनात अधिकारियों को भी हिदायत की कि नौजवान शक्ति को एकजुट करें और चैनेलाईज़ करने के लिए बनाऐ गए यूथ विकास बोर्ड के अधिकारियों को सम्बन्धित जि़ला स्तरीय समागमों में अपेक्षित सम्मान दिया जाये। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री ने बोर्ड से सम्बन्धित कई दूसरे मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की।

कोरोना महामारी के दौरान पंजाब यूथ विकास बोर्ड की तरफ से किये कामों पर रौशनी डालते हुये बोर्ड के चेयरमैन श्री सुखविन्दर सिंह बिंद्रा ने बताया कि बोर्ड ने कोविड हैल्पलाइन 95772 -00003 शुरू करने के अलावा सी.एस.आर. फंडों के द्वारा 2500 से अधिक प्रमाणित पी.पी.ई. किटें और कोरोना योद्धाओं को 25 लाख रुपए का बीमा मुहैया करवाया गया, साहनेवाल में लगभग 25 लाख रुपए की लागत से गैस वाले तीन श्मशान घाट स्थापित किये। उन्होंने बताया कि बोर्ड के अधिकारियों की तरफ से बड़े उद्योगपतियों को सांस्कृतिक -सामाजिक जि़म्मेदारी के अंतर्गत अपना योगदान डालने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सी.एस.आर. फंडों के द्वारा बोर्ड की तरफ से लगभग 1 करोड़ रुपए की लागत वाली 2500 से अधिक खेल किटें बाँटी जा रही हैं जबकि साहनेवाल के गाँवों में 1 करोड़ रुपए की लागत के साथ 5 खेल मैदानों के नवीनीकरन सम्बन्धी कार्य प्रगति अधीन है। श्री बिन्द्रा ने कहा कि बोर्ड की तरफ से अब तक पंजाब के नौजवानों के लिए 300 मुफ़्त टीकाकरण कैंप लगाए गए हैं। इसके अलावा महामारी के दौरान 9000 से अधिक विद्यार्थियों की फ़ीस माफ करवाई गई। बोर्ड की तरफ से लॉकडाऊन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे विद्यार्थियों की घर वापसी के लिए भी सहायता की गई। उन्होंने कहा कि 3 लाख से अधिक नौजवान सोशल मीडिया के द्वारा प्रत्यक्ष तौर पर बोर्ड के साथ जुड़े हुए हैं। श्री बिन्द्रा ने बताया कि बोर्ड की तरफ से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के प्रमुख प्रोजेक्टों ‘मिशन तंदुरुस्त पंजाब’, ‘मिशन फतेह ’ और ‘मिशन फतेह -2 के अधीन कोविड टीकाकरण कैंप के लिए राज्य के नौजवानों का सम्मिलन यकीनी बनाया गया।

इस मौके पर सीनियर वाइस चेयरमैन श्री प्रिंस पाल खुल्लर, वाइस चेयरमैन श्री विक्रम कंबोज़, श्री निर्मल दुलट्ट, श्रीमती पूनम ठाकुर, श्री जसप्रीत सिंह, श्री जसविन्दर सिंह धुन्ना, श्री लखवीर सिंह, श्री अकाशदीप लाली, श्री अवजिन्दर सिंह, डा. अमित शर्मा (सभी बोर्ड मैंबर) और डिप्टी डायरैक्टर युवा सेवाएं डा. कमलजीत सिंह सिद्धू उपस्थित थे।