चंडीगढ़, -पंजाब सरकार ने ‘विश्व तम्बाकू निषेध दिवस’ के मौके पर बच्चों और नौजवानों को तम्बाकू के प्रयोग से दूर रखने के लिए तम्बाकू रोकथाम मुहिम की शुरूआत की है।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आज यहाँ बताया कि 31 मई से 6 जून, 2021 तक सभी जिलों में सप्ताह भर के लिए विशेष मुहिम चलाई गई है। उन्होंने कहा कि इस मुहिम के दौरान समूह सरकारी अस्पतालों को तम्बाकू मुक्त घोषित किया जायेगा और तम्बाकू का प्रयोग न करने के लिए प्रण लिया जायेगा। लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए राज्य स्तरीय तम्बाकू रोकथाम रेडियो मुहिम और बस अड्डों पर मुनादी करवा के जागरूक करने का काम भी शुरू किया गया है।

स. सिद्धू ने कहा कि विश्व तम्बाकू निषेध दिवस हर साल 31 मई को दुनिया भर में मनाया जाता है। इस साल ‘विश्व तम्बाकू निषेध दिवस 2021’ मुहिम का विषय ‘छोड़ने के लिए प्रण करो’ है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तम्बाकू का प्रयोग सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है। तम्बाकू का सेवन करने वाले जहाँ खुद घाटक बीमारियों और जल्दी मौत का शिकार होते हैं वहीं उनमें सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की प्रवृत्ति आम होती है और जिससे कोविड-19 जैसे संक्रमण की भयानक बीमारियों के फैलने के जोखिम और बढ़ जाते हैं।

इस मौके पर उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वह सार्वजनिक स्थानों पर तम्बाकू के प्रयोग या थूकने से गुरेज करें क्योंकि इसको आइपीसी 1860 की धारा 268, 269 और 278 के अंतर्गत पाबंदीशुदा करार दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के स्वास्थ्य विभाग ने तम्बाकू कंट्रोल को एक प्रमुख प्रोग्राम के तौर पर लिया है। राज्य के सभी 22 जिलों को धुम्रपान मुक्त घोषित किया गया है। राज्य के कुल 739 गाँवों ने अपने आप को धुम्रपान मुक्त घोषित किया है। साल 2020 -2021 के दौरान सिग्रेट और अन्य तम्बाकू उत्पादों एक्ट, 2003 (कोटपा, 2003) के अंतर्गत उल्लंघन करने वालों के 8,177 चालान किये गए। सभी जिलों में तम्बाकू रोकथाम केंद्र स्थापित किये गए हैं। इन केन्द्रों में मुफ्त काउंसलिंग सेवाएं और तम्बाकू छुड़ाने वाली दवाएँ जैसे बुपरोपिन, निकोटीन गम और पैच मुहैया करवाए जा रहे हैं। साल 2020-21 में कुल 10,832 तम्बाकू सेवनकर्ताओं ने इन केन्द्रों से सेवाएं प्राप्त की हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब ई-सिगरेट, हुक्का बार और समय पर पाबंदी लगा कर और कालेजों/यूनिवर्सिटियों को तम्बाकू मुक्त घोषित करके नौजवान को तम्बाकू से दूर रखने की तरफ ध्यान केन्द्रित करने वाला अग्रणी राज्य है। राज्य तम्बाकू के इस खतरे को थमने के लिए तम्बाकू विक्रेताओं को लायसेंस देने पर भी काम कर रहा है क्योंकि ऐसे कदम छोटे बच्चों और नौजवानों को तम्बाकू के रास्ते से मोड़ने के लिए बहुत मददगार साबित हो सकते हैं।