चंडीगढ़, 8 जूनः-मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब डा. एस. करुणा राजू ने आज यहाँ स्पष्ट किया कि ई.आर.ओ. के पक्ष से गई छपाई सम्बन्धी/क्लेरिकल गलती को दुरुस्त करने के मामले में नया ई.पी.आई.सी. जारी करने के लिए वोटर से कोई फीस नहीं ली जायेगी।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये डा. राजू ने कहा कि आम तौर पर वोटरों के विवरणों में फर्क चुनाव रजिस्ट्रेशन अफसर (ई.आर.ओ.) के ध्यान में दो पड़ावों पर आता है। पहला वोटर सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले, डाटा ऐंट्री पड़ाव पर और दूसरा वोटर सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद।

डा. राजू ने कहा कि अगर वोटर सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले ई.आर.ओ. के ध्यान में डाटा ऐंट्री के पड़ाव पर छपाई सम्बन्धी/क्लेरिकल गलती आती है तो ई.आर.ओ. सम्बन्धी आवेदक को ई.आर.ओ.-एन.ई.टी. में फार्म-6 का हवाला देगा, ई.आर. अपडेेशन की प्रक्रिया को उल्टा देगा और फार्म -6 में बताए अनुसार उसी आधार पर ऐंट्रीयों को सही करेगा।

यदि अंतिम प्रकाशन के बाद वोटर द्वारा किसी पत्र या मेल के द्वारा छपाई सम्बन्धी/ क्लेरिकल गलती ई.आर.ओ. के ध्यान में लाई जाती है तो ई.आर.ओ. वोटर को फार्म-6 का हवाला देगा (जो ई.आर.ओ. -नैट में उपलब्ध है); और फार्म -6 में दर्शाई गई ऐंट्रीयों के अनुसार सुधार की प्रक्रिया शुरू करेगा। अगर ई.आर.ओ. के रिकार्ड में कोई फार्म -6 उपलब्ध नहीं है या फार्म -6 में वोटर द्वारा खुद गलती की जाती हैै, तो ई.आर.ओ उक्त वोटर को अपनी आवेदन फार्म -8 में पेश करने के लिए एक लिखित जवाब/मेल भेजेगा। इस संदेश के साथ फार्म-8 की एक कापी भी भेजी जाऐगी। जिक्रयोग्य है कि वोटर सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद वोटर की किसी भी ऐंट्री में संशोधन नहीं किया जायेगा, अगर फार्म-6 का हवाला नहीं दिया गया (अगर उपलब्ध हो) या फार्म -6 उपलब्ध न होने पर फार्म 8 प्राप्त नहीं किया गया या वोटर ने खुद फार्म -6 में गलती की है।
ई.आर.ओ. के पक्ष से गई छपाई सम्बन्धी/क्लेरिकल गलती को दुरुस्त करने के मामले में वोटर से नया ई.पी.आई.सी. जारी करने के लिए कोई फीस नहीं ली जायेगी।