शहीद के परिवार को एच.डी.एफ.सी बैंक द्वारा 1 करोड़ रुपए का एक्सग्रेशिया और एक पारिवारिक मैंबर को पुलिस में दी जायेगी नौकरी
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने एएसआई के परिवार को पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा पूर्ण सहयोग देने का दिया भरोसा

चंडीगढ़ / जगराओं, 23 मई:-पंजाब के पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने पुलिस के शहीद ए.एस.आई. भगवान सिंह के अतुल्य बलिदान को याद करते हुए उनके पैतृक गाँव कोठे आठ चक्क, जगराओं में स्थित दशमेश गुरुद्वारा में भोग समारोह दौरान समूह पंजाब पुलिस का नेतृत्व करते हुए रविवार को ऑनलाइन माध्यम से गरिमापूर्ण श्रद्धांजली दी।
ए.एस.आई. भगवान सिंह जो 1990 में बतौर कांस्टेबल पुलिस फोर्स में भर्ती हुए थे और मौजूदा समय में लुधियाना पुलिस (ग्रामीण) क्राइम इन्वेस्टीगेशन यूनिट (सी.आई.ए) विंग में तैनात थे, वह 15 मई, 2021 को जगराओं में अपराधियों का पीछा करने और मुकाबला करते हुए अपनी जान गंवा बैठे थे। वह अपने पीछे पत्नी और 15 वर्षीय बेटा छोड़ गए हैं।
डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता, जिन्होंने कोविड-19 की पाबंदियों के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा भोग समागम में शिरकत की, ने अपराध और नशा तस्करों के साथ लड़ते हुए अपनी जान कुर्बान करने वाले ए.सी.आई. भगवान सिंह को पुलिस कमिश्नरों / एसएसपीज समेत सीनियर अधिकारी की हाजरी में गरिमापूर्ण श्रद्धांजलि भेंट की। उन्होंने कहा कि हम सभी, पंजाब के 82000 पुलिस कर्मियों का एक परिवार हैं और पंजाब के नागरिकों की सुरक्षा के लिए ए.एस.आई. द्वारा दी गई अपनी जान की कुर्बानी पर गर्व किया जायेगा। यह बेमिसाल बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा।
डीजीपी ने बताया कि एएसआई ने अपनी सारी सेवा पूरी निष्ठापूर्वक नशों और गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ते हुए निभाई और जगराओं में भी वह गैंग्स्टरों के साथ बहादुरी के साथ लड़ते हुए शहीद हुए।
डीजीपी ने कहा कि हम उनको वापस तो नहीं ला सकते परन्तु वह हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगे। उन्होंने शहीद के परिवार को पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा भरोसा देते हुए कहा कि वह हमेशा शहीद के परिवार के साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने भरोसा दिया कि एएसआई भगवान सिंह के परिवार को एचडीएफसी बैंक द्वारा राहत के तौर पर 1 करोड़ रुपए की राशि अदा की जाएगी। इसके अलावा उनके लडक़े को बड़े होने पर पुलिस नौकरी समेत अन्य लाभ दिए जाएंगे।
इस दौरान कोविड-19 मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि के मद्देनजर जलसा करने की पाबंदियों के कारण, सीमित संख्या में ही लोगों को भोग समागम में शामिल होने की विनती की गई थी। हालाँकि, लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने शहीद को श्रद्धांजलि भेंट करने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों के लिए समूचे समागम के फेसबुक लाइव की सुविधा प्रदान करवाई।