चंडीगढ़, 28 मई:-भारतीय चुनाव आयोग (ई.सी.आई.) ने आज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नोडल अधिकारियों के साथ वोटर सूचियों संबंधी समीक्षा बैठक की।
यह मीटिंग भारतीय चुनाव आयोग के सचिव जनरल श्री उमेश सिन्हा की अध्यक्षता अधीन हुई, जिसका उद्देश्य विशेष तौर पर उन राज्यों की वोटर सूचियों को पूरी तरह दुरुस्त करना और चुनाव प्रक्रिया में शामिल नए नियम और शर्तों के बारे में जानकारी प्रदान करना था जिनमें विधान सभा चुनाव करवाई जानी हैं, इनमें पंजाब राज्य भी शामिल है।  
मीटिंग में आम तौर पर पेश मुद्दों जैसे डैमोग्राफिक सिमीलर ऐंट्रीज़ (डीएसईज़), दोहराए गए ई.पी.आई.सीज़ और तर्कपूर्ण त्रुटियों संबंधी विचार-विमर्श किए गए और राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को हिदायत की गई कि वह इन त्रुटियों को हटाने के लिए अपने स्तर पर उचित कदम उठाएं, जिससे त्रुटि रहित और दुरुस्त वोटर सूची को यकीनी बनाया जा सके।
चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने और इसको वोटरों के लिए आसान बनाने के उद्देश्य से आयोग ने कई महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए हैं, जिनमें डुप्लिकेट ईपीआईसी मुफ़्त जारी करना और ई.पी.आई.सी. की स्पीड पोस्ट के द्वारा डिलीवर करने के लिए भारतीय डाक विभाग के साथ तालमेल करना शामिल है।
डुप्लिकेट ई.पी.आई.सीज़ पहले 25 रुपए की फीस अदा किए जाने के बाद जारी किए जाते थे। आयोग ने अब वोटरों की सुविधा के लिए डुप्लिकेट ई.पी.आई.सीज़ मुफ़्त जारी करने का फ़ैसला किया है। वोटर ऑनलाइन/ऑफ़लाइन विधि के ज़रिये भी अप्लाई कर सकते हैं। वोटर 222.ठ्ठ1ह्यश्च श्चशह्म्ह्लड्डद्य पोर्टल वोटर हेल्पलाइन मोबाइल ऐप के द्वारा फॉर्म नंबर-001 ऑनलाइन भर कर डुप्लिकेट ई.पी.आई.सी. के लिए आवेदन कर सकते हैं।
ई.पी.आई.सीज़ पहले बूथ लेवल अफसरों (बी.एल.ओज़) द्वारा डिलीवर किए जाते थे। समग्र प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए आयोग ने अब स्पीड पोस्ट के ज़रिये ईपीआईसीज़ डिलीवर करने के लिए भारतीय डाक विभाग के साथ तालमेल किया है।
आयोग ने कोविड-19 सम्बन्धी जारी निर्देशों के मद्देनजऱ उन राज्यों, जहाँ विधान सभा चुनाव अगले एक साल में होने जा रहे हैं, में 100 प्रतिशत ऐनरोलमैंट यकीनी बनाने और अन्य वोटर सूचियों को दुरुस्त करने के लिए वोटर सूचियों को लगातार अपडेट करने पर ध्यान केन्द्रित करने के निर्देश दिए हैं।
मीटिंग में अन्यों के अलावा मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब डॉ. एस. करुणा राजू और अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीमती माधवी कटारिया मौजूद थे।