पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच की ओर से भारत माता के महान सपूत महाराणा प्रताप जी का जन्मदिवस बड़ी श्रद्धा पूर्वक श्री गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू में मनाया गया।

जालंधर :9 मई 21 पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच की ओर से भारत माता के महान सपूत महाराणा प्रताप जी का जन्मदिवस बड़ी श्रद्धा पूर्वक श्री गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू में मनाया गया।इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ देश भक्ति का गीत संगठन गड़े चलो सुपंथ पर बड़े चलो भला हो जिसमें देश का वो काम सब किए चलो गाकर किया गया।
महाराणा प्रताप जी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए किशन लाल शर्मा,बोबीन शर्मा,सरवन कुमार शर्मा व अन्य।

इस अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच के पंजाब प्रधान किशन लाल शर्मा ने कहा की महाराणा प्रताप ने मुगलों को कई बार युद्ध में नाकों चने चबाए शर्मा ने कहा की महाराणा प्रताप का जन्म कुम्भलगढ दुर्ग में हुआ था। महाराणा प्रताप की माता का नाम जैवन्ताबाई था, जो पाली के सोनगरा अखैराज की बेटी थी। महाराणा प्रताप को बचपन में कीका के नाम से पुकारा जाता था।महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक गोगुन्दा में हुआ। बचपन से ही महाराणा प्रताप साहसी, वीर, स्वाभिमानी एवं स्वतंत्रताप्रिय थे। सन 1572 में मेवाड़ के सिंहासन पर बैठते ही उन्हें अभूतपूर्व संकोटो का सामना करना पड़ा, मगर धैर्य और साहस के साथ उन्होंने हर विपत्ति का सामना किया।शर्मा ने कहा की मुगलों की विराट सेना से हल्दी घाटी में उनका भरी युद्ध हुआ। वहा उन्होंने जो पराक्रम दिखाया, वह भारतीय इतिहास में अद्वितीय है, उन्होंने अपने पूर्वजों की मान – मर्यादा की रक्षा की और प्रण किया की जब तक अपने राज्य को मुक्त नहीं करवा लेंगे, तब तक राज्य – सुख का उपभोग नहीं करेंगे। तब से वह भूमी पर सोने लगे, वह अरावली के जंगलो में कष्ट सहते हुए भटकते रहे, परन्तु उन्होंने मुग़ल सम्राट की अधीनता स्वीकार नहीं की।उन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना जीवन अर्पण कर दिया।शर्मा ने कहा की कौन कहता है की अकेले जंग जीती नहीं जाती बन के कोई राणा प्रताप जंग में उतरे तो सही।

इस अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच के जालंधर जिला अध्यक्ष बोबीन शर्मा ने कहा की मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन अर्पण करने वाले, राजस्थान की आन-बान-शान के प्रतीक, मेवाड़ मुकुट वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन!
उनका देशप्रेम,पराक्रम और स्वाभिमानी जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है।आइए, उनके उच्च आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर,नवभारत के निर्माण में भागीदारी बनें।इस अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच के जालंधर जिला अध्यक्ष बोबीन शर्मा,सरवन कुमार शर्मा,मोहित सोनी,यशपाल कंबोज,मुनीश राजपूत व अन्य लोग उपस्थित थे।