चंडीगढ़, 30 मईः-पंजाब सरकार द्वारा राज्य की जरूरतमंद महिलाओं/लड़कियों को मुफ्त सैनेटरी पैड मुहैया करवाने के मकसद से नयी शुरू की उड़ान योजना की समूची प्रगति की निगरानी के लिए स्टेट टास्क फोर्स (एसटीएफ) के उच्च अधिकारी को नामजद किया गया है।

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी ने इस सम्बन्धी अपनी मंजूरी देते हुये बताया कि स्टेट टास्क फोर्स द्वारा इस स्कीम को उचित ढंग से अमल में लाना यकीनी बनाया जायेगा और इसके साथ ही बढ़िया गुणवता के सैनेटरी पैड खरीदने, असली लाभार्थियों तक वितरण को यकीनी बनाने और सैनेटरी नैपकिन की गुणवता टेस्टिंग सरकार द्वारा मंजूर प्रवानित सूचीबद्ध लैबोरेटरियों से करवाने जैसे हर पक्ष की निगरानी की जायेगी।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव एसटीएफ के चेयरपरसन होंगे, जबकि वित्त विभाग के प्रमुख सचिव या नामजद व्यक्ति विशेष सचिव के पद से नीचे न हो, ग्रामीण विकास एवं पंचायतें विभाग के वित्त कमिशनर या नामजद व्यक्ति विशेष सचिव के पद से नीचे न हो, स्थानीय निकाय विभाग के विशेष सचिव या नामजद व्यक्ति विशेष सचिव के पद से नीचे न हो, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव या नामजद व्यक्ति विशेष सचिव के पद से नीचे न हो, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव या नामजद व्यक्ति विशेष सचिव के पद से नीचे न हो, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव या नामजद व्यक्ति विशेष सचिव के पद से नीचे न हो, पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मैंबर सचिव इसके सदस्यों के तौर पर काम करेंगे। इसी तरह, सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास के डायरैक्टर को मैंबर सचिव के तौर पर शामिल किया गया है। इसके साथ ही स्टेट रिसोर्स सैंटर फार वूमैन (एस.आर.सी.डब्ल्यू) और महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब में ‘उड़ान योजना की निगरानी और लागूकरण के लिए स्टेट टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) की सहायता करेंगे।

जिक्रयोग्य है कि राज्य सरकार की तरफ से हाल ही में इस महिला-प्रमुख योजना की शुरूआत की गई है, जिसका औपचारिक ऐलान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस साल जनवरी में किया था जिसका उद्देश्य मासिक धर्म के दौरान सफाई के प्रति जागरूक करना और स्कूल छोड़ चुकी लड़कियाँ/स्कूल से बाहर की लड़कियाँ, कालेज न जाने वाली लड़कियां, बीपीएल परिवारों की महिलाएं, झुग्गी-झोंपड़ी में रहने वाली और बेघर महिलाएं, टपरीवास परिवारों की महिलाएं और नीले कार्ड धारक और अन्य विभागों की किसी भी स्कीम के अंतर्गत मुफ्त/सब्सिडी वाले सैनेटरी पैडों का लाभ नहीं ले रही महिलाओं की मूलभूत सफाई उत्पादों तक पहुँच बढ़ाना है।