केंद्र परीक्षाओं संबंधी फैसला लेने से पहले विद्यार्थियों की सुरक्षा को यकीनी बनाए: विजय इंदर सिंगला

चंडीगढ़, 23 मई:-स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि केंद्र सरकार को बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं संबंधी फैसला लेने से पहले विद्यार्थियों और अध्यापकों की सुरक्षा को यकीनी बनाना चाहिए। केंद्रीय मंत्रियों के साथ एक वर्चुअल मीटिंग दौरान अपने विचार पेश करते हुए श्री सिंगला ने कहा कि कठिन दौर में विद्यार्थियों और अध्यापकों का बचाव और सुरक्षा सरकार के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए और इस दिशा में संभव कदम उठाया जाना चाहिए।
बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं और पेशेवर पाठ्यक्रमों में दाखिला परीक्षाओं के प्रस्तावों बारे विचार-विमर्श के लिए यह वर्चुअल मीटिंग की गई थी जिसमें सभी राज्यों के शिक्षा मंत्री और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी और मानव विकास विभाग के मंत्री रमेश पोखरियाल निशांक शामिल हुए थे। स्कूल शिक्षा के सचिव कृष्ण कुमार और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रोफैसर योगराज भी मीटिंग में शामिल हुए।
श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि आज की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने बोर्ड की पाँचवी, आठवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को परमोट करने का फैसला पहले ही कर लिया है। उन्होंने आगे कहा कि आठवीं और दसवीं कक्षा के नतीजे पहले ही घाषित किए जा चुके हैं और पाँचवी कक्षा के नतीजे भी अंदरूनी मुल्यांकन के आधार पर कल घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही यदि केंद्र बारहवीं की परीक्षाएं लेने के लिए दिशा-निर्देश जारी करता है तो उनकी सरकार परीक्षाएं करवाते समय विद्यार्थियों की सुरक्षा को यकीनी बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।
केबिनेट मंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों को सुझाव भी दिया कि अगर वह बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं करवाना भी चाहते हैं, तो सिर्फ 3 चुनिंदा विषयों की परीक्षा ही ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा बोर्ड चुनिंदा विषयों के लिए परीक्षाएं करवाएंगे तो महामारी के दौरान सामाजिक दूरी और अन्य जरूरी प्रोटोकॉलों का पालन करना आसान होगा। उन्होंने कहा कि हालाँकि, मिशन शत प्रतिशत के अंतर्गत राज्य में अध्यापकों और विद्यार्थियों ने कड़ी मेहनत की है परन्तु कोविड की गंभीर स्थिति के कारण अब वह अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे।