चंडीगढ़, 26 मई:-स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बच्चों में निमोनिया की समय पर जाँच और इलाज के लिए ‘साँस’ मुहिम की शुरूआत की।

स. सिद्धू ने कहा कि हल्का, मध्यम और गंभीर निमोनिया के कारण कोविड पीडि़त बच्चे की सह-रोग वाली स्थिति बन सकती है, जिससे वह दम तोड़ सकता है। देश में बच्चों की मृत्यु दर का सबसे बड़ा कारण निमोनिया है और बच्चों में लगभग 15 प्रतिशत मौतें निमोनिया के कारण ही होती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि निमोनिया के कारण हो रही मौतें रोकी जा सकती हैं, अगर हम समय पर निमोनिया की ‘जाँच’ और ‘इलाज’ करवा लेते हैं। हालाँकि पंजाब में बच्चों की मृत्यु दर देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले कम है, परन्तु पंजाब सरकार निमोनिया से होने वाले बच्चों की मौत को काबू करने और इससे भी बढिय़ा स्वास्थ्य नतीजों को सुनिश्चित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए माँ का दूध, पर्याप्त पूरक आहार, विटामिन-ए सप्लीमेंट, वैक्सीन कवरेज, हाथ धोना और घरों में वायु प्रदूषण घटाना, रोकथाम और समय पर इलाज की ज़रूरत होती है।
स. सिद्धू ने कहा कि निमोनिया का पता लगाने और इलाज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक मल्टी-स्टेट पायलट अध्ययन, यूएसएआईडी-वृद्धि प्रोजैक्ट में हिस्सा लिया। इस पायलट अध्ययन में, स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती केन्द्रों में कम्युनिटी हैल्थ अफ़सर (सीएचओ) को मल्टी-मॉडल पल्स ऑक्सीमीटर प्रदान करके प्रशिक्षण दिया गया था। पंजाब में यह अभियान अप्रैल 2019 को जि़ला फिऱोज़पुर में किया गया था।
जि़ला फिऱोज़पुर में कुल 502 बच्चों (बुख़ार और खाँसी वाले) को मल्टी-मॉडल पल्स ऑक्सीमीटर की सहायता से जाँचा गया और इनमें से 27 प्रतिशत बच्चों को निमोनिया के लिए पॉजि़टिव पाया गया, जिनमें से 6 गंभीर निमोनिया के मरीज़ थे। आईएमएनसीआई प्रशिक्षण और मल्टी-मॉडल डिवाइस की मदद से 96 प्रतिशत स्क्रीन किए गए बच्चों की सही जाँच की गई और 95 प्रतिशत ने सही इलाज भी प्राप्त किया।
स. सिद्धू ने कहा कि ‘साँस’ प्रोग्राम की शुरूआत के साथ राज्य को निमोनिया जाँच, पता लगाने और इलाज मुहैया करवाने के लिए मददगार साबित होगा। यह प्रोग्राम पंजाब को निमोनिया के कारण बच्चों में मृत्यु दर को घटाने में सहायता करेगा।
इस मौके पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, श्री हुसन लाल, डायरैक्टर परिवार कल्याण डॉ. अन्देश कंग, स्वास्थ्य मंत्री के ओएसडी डॉ. बलविन्दर सिंह, नोडल अफ़सर एमसीएच डॉ. इन्दरदीप कौर, क्षेत्रीय सलाहकार आईपीई ग्लोबल डॉ. निधी चौधरी, राज्य तकनीकी सलाहकार यू.एस.ए.आई.डी.एस., आईपीई ग्लोबल डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर, स्टेट मास मीडिया अफ़सर गुरमीत सिंह राणा और मास मीडिया अफ़सर हरचरन सिंह बराड़ भी उपस्थित थे।