पटवारियों की भर्ती प्रक्रिया तेजी से सम्पन्न की जाएगी

राजस्व रिकॉर्ड रूम का नवीनीकरण किया जाएगा

विभागीय पदोन्नति परीक्षा पैटर्न और पास प्रतिशतता में संशोधन हेतु किया जाएगा विचार

चंडीगढ़, 21 मई:-पंजाब के राजस्व मंत्री जीएस कांगड़ ने आज यहां पंजाब सिविल सचिवालय में पंजाब रेवेन्यू ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया कि राजस्व अधिकारियों को उनकी पात्रता के अनुसार सरकारी उपयोग के लिए वाहन किराए पर लेने की अनुमति दी जाएगी।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने यह तथ्य सामने रखा कि केवल 10 प्रतिशत तहसीलदार / नायब तहसीलदार कार्यालयों के पास ही सरकारी वाहन हैं जबकि बाकी अपनी ड्यूटी करने के लिए अपने स्वयं के वाहनों का उपयोग  कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फील्ड ड्यूटी उनके काम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है इसलिए सरकारी वाहन अनिवार्य हैं। इस पर मंत्री ने भी उनकी मांग का सकारात्मक रूप में जवाब दिया।

मंत्री ने यह कहते हुए कि राज्य के राजस्व अधिकारी अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने नियमित कर्तव्यों के साथ-साथ अतिरिक्त कोविड-19 कर्तव्यों का भी पालन कर रहे हैं और उनकी जायज़ मांगों को पूरा किया जाना चाहिए, उन्होंने एफसीआर को वाहनों को किराए पर लेने के प्रस्ताव पर विचार करने का निर्देश दिया।

इस दौरान सदस्यों ने ऑन ड्यूटी एग्ज़ीक्यूटिव मेजिस्ट्रेटों के साथ सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि कई बार हमें संवेदनशील / गैर संवेदनशील / नियमित ड्यूटी करते हुए हुडदंगी तत्वों का सामना करना पड़ता और पुलिस के मौके पर पहुंचने की प्रतीक्षा करना व्यावहारिक रूप से हमेशा संभव नहीं होता है।

राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी के साथ एक सुरक्षा गार्ड के होने का विचार व्यावहारिक नहीं है; हालाँकि, डीजीपी पंजाब के साथ यह मामला उठाया जाएगा कि प्रत्येक तहसील / उप तहसील में ज़रूरत अनुसार एक पुलिसकर्मी तैनात किया जाए जो तहसीलदार / नायब तहसीलदार के साथ फील्ड में मौजूद रहेगा।

पंजाब रेवेन्यू ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरदेव सिंह धाम ने कहा कि राजस्व अधिकारियों द्वारा लिए गए निर्णय, अर्ध-न्यायिक प्रकृति के निर्णय पुलिस / विजीलेंस जांच के अधीन नहीं होने चाहिए; राजस्व विभाग अपीलीय प्राधिकारी होने के नाते मामलों की समीक्षा कर सके और यदि आवश्यक हो तो आवश्यक कार्रवाई कर सके। मंत्री ने उनकी मांगों को सहानुभूतिपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि राजस्व विभाग अपने अधिकारियों के साथ है और सही तरीके से लिए गए हर निर्णय का समर्थन करेगा।

एसोसिएशन ने विभाग के पुराने नियमों को लागू रहने देने की भी मांग की, जिसके अनुसार संबंधित अधिकारी को पदोन्नति के बाद न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ विभागीय परीक्षा पास करनी होती थी, जिसे हाल ही में बढ़ाकर 66 प्रतिशत कर दिया गया है जैसा कि आईएएस अधिकारियों के मामले में है। उन्होंने परीक्षा पैटर्न को लंबे सब्जेक्टिव प्रश्न / उत्तर के स्थान पर ऑब्जेक्टिव टाइप (एमसीक्यू) में बदलने के लिए भी कहा। उनकी इस मांग को जायज मानते हुए मंत्री ने विभाग से विभागीय पदोन्नति परीक्षा पैटर्न और पास प्रतिशत में संशोधन की संभावना पर गौर करने को कहा।

इस दौरान, श्रीमति विनी महाजन मुख्य सचिव पंजाब ने भी उनकी जायज़ मांगों का समर्थन किया। श्रीमति विनी महाजन ने रवनीत कौर एफसीआर और मनवेश सिद्धू सचिव राजस्व के साथ राजस्व अधिकारियों के मौजूदा मुद्दों को हल करने के लिए बैठक में भाग लिया ताकि वे अपनी चल रही आंशिक हड़ताल वापस ले सकें और जल्द से जल्द अपनी एग्ज़ीक्यूटिव मेजिस्ट्रियल ड्यूटियां और न्यायालय कार्य निभाना फिर से शुरू कर सकें।

उन्होंने लीगल लीटरेटस की भर्ती द्वारा राजस्व विभाग को मज़बूत करने की ज़रूरत दोहराई ताकि अदालत के काम में राजस्व अधिकारियों की सहायता की जा सके। उन्होंने आगे कहा कि कोविड की स्थिति में सुधार आने से ही पटवारियों की भर्ती प्रक्रिया को तेज़ी के साथ सम्पन्न किया जायेगा। उन्होंने एनजीडीआरएस व्यवस्था के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए बढिय़ा कम्प्यूटर / इन्टरनेट कनेक्टीवीटी / क्लाउड स्पेस की ज़रूरत का सुझाव भी दिया। मुख्य सचिव ने एफ.सी.आर को कहा कि राजस्व अधिकारियों पर आतिथ्य या किसी अन्य खर्चों का बोझ पड़े और आकस्मिक खर्चों को पूरा करने के लिए हर तहसील में विशेष फंड प्रदान कारने की संभावना की तलाशने की हिदायत की। अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए, मुख्य सचिव ने बढिय़ा प्रदर्शन करने वाले राजस्व अधिकारियों की उचित सिफ़ारिश / प्रशंसा करने का सुझाव भी दिया।