गाँवों के अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मुहैया करवाने के आदेश, कोविड मरीज़ों से अधिक पैसे वसूलने वाले निजी अस्पतालों के खि़लाफ़ सख़्त कार्रवाई करने के लिए कहा


गर्भवती महिलाओं के लिए टेली-परामर्श क्लीनिक खोलने का ऐलान, ब्लैक फंगस के इलाज संबंधी प्रोटोकॉल राज्य के सभी अस्पतालों के साथ साझा करने के आदेश

 
चंडीगढ़, 22 मई:-मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा पिछले दिनों शुरू किए मिशन फतेह 2.0 को पूर्ण रूप से कामयाब करने पर ज़ोर देते हुए मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन ने स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य सभी विभागों के साथ-साथ जि़ला अधिकारियों को टेस्टिंग, ट्रेसिंग, इलाज और टीकाकरण मुहिम को हरेक गाँव के हरेक घर तक पहुँचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना मुक्त गाँव मुहिम की कामयाबी के लिए हमें वह सभी कदम उठाने होंगे जिससे पंजाब के गाँव कोरोना मुक्त किए जा सकें।
उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि चुनिंदा ग्रामीण सरकारी अस्पतालों में तुरंत ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मुहैया करवाए जाएँ और जि़ला अधिकारियों को कहा कि जो भी निजी अस्पताल कोविड मरीज़ों को लूट रहे हैं उनके खि़लाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को काली फफूंद (ब्लैक फंगस) के इलाज संबंधी विशेषज्ञों द्वारा बनाए गए प्रोटोकॉल तुरंत राज्य के समूह सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ साझा करने के आदेश भी दिए।
राज्य में कोविड की मौजूदा स्थिति का जायज़ा लेने के लिए मुख्य सचिव ने शनिवार को प्रशासनिक सचिवों, स्वास्थ्य अधिकारियों, समूह डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों और एसएसपीज़ के साथ ऑनलाइन मीटिंग की।
निजी अस्पतालों द्वारा कोविड मरीज़ों का महँगा इलाज करने सम्बन्धी आईं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने ऐसे अस्पतालों के खि़लाफ़ सख़्त कार्रवाई करने के लिए कहा, जो कोविड मरीज़ों की जेब पर डाका मार रहे हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस देशव्यापी आपदा के मौके पर किसी को भी मरीज़ों का शोषण करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अनैतिक प्रेक्टिस करने वाले अस्पतालों के खि़लाफ़ यदि ज़रूरत पड़े तो एफआईआर दर्ज की जाए और ऐसे अस्पतालों की मान्यता रद्द की जाए।
इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण मिशन फतेह की कामयाबी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में चल रहे कम्युनिटी स्वास्थ्य केन्द्रों में कोविड के मरीज़ों को ऑक्सीजन सुविधा देने के लिए ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मुहैया कराने के लिए भी कहा।
राज्य में कोविड मरीज़ों के काली फफूंद (ब्लैक फंगस) से पीडि़त होने की सूचनाओं के मद्देनजऱ मीटिंग में उपस्थित राज्य सरकार के मैडीकल सलाहकार डॉ. के.के. तलवाड़ ने बताया कि यह बीमारी नई नहीं है परन्तु पिछले दिनों में इस बीमारी से पीडि़त मरीज़ों की संख्या में काफ़ी वृद्धि हुई है, जोकि चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने पहले ही काली फफूंद को बीमारी घोषित कर दिया है और इस बीमारी के इलाज के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चोटी के माहिर डॉक्टरों की सलाह से एक मुकम्मल प्रोटोकॉल/चार्ट जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी का मुख्य कारण ज़्यादा स्टेरॉयड लेना है, जिससे मरीज़ की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर पड़ जाती है।
काली फफूंद से पीडि़त मरीज़ों के तुरंत इलाज पर ज़ोर देते हुए मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री हुसन लाल को कहा कि वह तुरंत यह प्रोटोकॉल राज्य के समूह सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ साझा करें और इस बीमारी का इलाज करने वाले समूह अस्पतालों को नोटीफायी करके सूची जारी करें।
इसके अलावा उन्होंने डॉ. के.के. तलवाड़ और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के प्रमुख सचिव डी.के. तिवाड़ी को कहा कि वह राज्य के मैडीकल कॉलेजों में फंगस ट्रीटमेंट के इलाज के लिए विशेष वॉर्ड स्थापित करें।
देश के कुछ राज्यों में कोविड मरीज़ों की मौतों के आंकड़े कम दिखाए जाने की चर्चा संबंधी बात करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि पंजाब में कोविड मरीज़ों की मौत के आंकड़े पूरी इमानदारी और पारदर्शिता से अस्पतालों में दर्ज कर केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं और किसी भी जि़ले में ऐसे आंकड़े दबाए नहीं जाते। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि आगे भी सही आंकड़े लोगों के सामने लाए जाएँ।
गर्भवती कोरोना पॉजि़टिव महिलाओं और उनके परिवारों के टैस्ट, ट्रेसिंग और मॉनिटरिंग संबंधी मुख्य सचिव को बताया गया कि गाँवों में आशावर्करों, आँगनवाड़ी वर्करों और कम्युनिटी हैल्थ अफसरों को कहा गया है कि वह निजी तौर पर ऐसे मरीज़ों से संपर्क करें। इसी तरह शहरों में सम्बन्धित सिविल सर्जन और सीनियर मैडीकल अफ़सर इस बात को सुनिश्चित कर रहे हैं कि वह ऐसीं महिलाओं और उनके परिवारों से संपर्क में रहें। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग पहले से ही ऐसे मरीज़ों के लिए टेली परामर्श सुविधा मुहैया करवा रहा है।
मुख्य सचिव ने 25 मई को चंडीगढ़ में एक टेली परामर्श क्लीनिक खोलने का ऐलान किया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के पाँच डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को कोविड के इलाज सम्बन्धी मुफ़्त ऑनलाइन मैडीकल सलाह देंगे।
मिशन फतह 2.0 को ज़ोरदार ढंग से लागू करने के मंतव्य से मुख्य सचिव ने सभी डिप्टी कमिश्नरों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को घर-घर जाकर टेस्ट करने और प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ग़ैर सरकारी संस्थाएं, वॉलंटियरों और अन्यों के सहयोग से स्थानीय स्तर पर गाँवों और कस्बों में कोविड केयर सैंटर (एल-1) स्थापित किए जाएँ।
मीटिंग के दौरान विवरण देते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री हुसन लाल ने बताया कि अब तक कुल 4,95,689 लोगों के कोविड की जाँच के लिए नमूने लिए गए, जिनमें से सिफऱ् 45 हज़ार 246 पॉजि़टिव पाए गए। इस तरह राज्य की पॉजि़टिविटी दर सिफऱ् 9.1 प्रतिशत बनती है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 15 मई से 21 मई तक के हफ़्ते के दौरान कुल 1413 मौतें हुईं, जोकि 3.1 प्रतिशत है।
हुसन लाल ने यह भी बताया कि राज्य में स्तर दो और स्तर तीन के सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीज़ों के लिए बिस्तरों की भी कोई कमी नहीं है। इसके अलावा जून महीने में वांछित उम्र वर्गों और तरजीही व्यक्तियों की वैक्सीनेशन के लिए भारत सरकार से कोविशील्ड और कोवैक्सीन का कोटा भी अपेक्षित मात्रा में प्राप्त हो जाएगा। उन्होंने समूह स्वास्थ्य अधिकारियों को कोविन और कोवा ऐप पर वैक्सीनेशन के आंकड़े तुरंत प्रभाव से अपलोड करने के लिए कहा और वैक्सीन की वेस्टेज एक प्रतिशत से भी कम करने के लिए आदेश भी दिए।
कोविड गाइडलाइन्स का सही ढग़ से पालना करवाने सम्बन्धी अवगत करवाते हुए डीजीपी श्री दिनकर गुप्ता ने बताया कि मार्च महीने से लेकर अब तक करीब 25 लाख लोगों के विरुद्ध मास्क न पहनने संबंधी उल्लंघन करने की कार्रवाई की गई है और 1 लाख 30 हज़ार लोगों के चालान करके करीब 12 करोड़ रुपए के जुर्माने किए जा चुके हैं। इसके अलावा लॉकडाउन का उल्लंघन करने के विरुद्ध 4300 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 5,000 व्यक्तियों को गिरफ़्तार भी किया गया है। उन्होंने बताया कि गाँवों में कोविड की बीमारी फैलने से रोकने के लिए राज्य के लगभग 60 प्रतिशत गाँवों में रात को ठीकरी पहरे लग रहे हैं।
कोविड से बचाव के लिए अधिक से अधिक वैक्सीनेशन करने पर ज़ोर देते हुए मुख्य सचिव ने राज्य में दिन-ब-दिन मौतों की संख्या घटने और कोरोना से पीडि़त मरीज़ों की संख्या घटने पर तसल्ली प्रकट करते हुए कहा कि पहले की अपेक्षा सीएफआर दर में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने समूह डिप्टी कमिश्नरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा कि वह कोविड से रोकथाम के लिए जारी प्रोटोकॉल पर ज़ोर देते हुए पॉजि़टिविटी दर को दस प्रतिशत से भी कम करते हुए 5 प्रतिशत पर लाया जाए।
प्रमुख सचिव स्थानीय सरकारें श्री अजोए शर्मा ने मीटिंग में बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा बीते दिन जारी किया गया वाट्सऐप चैटबोट सफ़लतापूर्वक चल रहा है और अब तक 3,900 से अधिक लोगों ने अलग-अलग तरह से इसका फ़ायदा भी उठाया है और अपनी शिकायतें भी दर्ज की हैं।
ऑक्सीजन कंट्रोल रूम के इंचार्ज श्री राहुल तिवाड़ी ने बताया कि राज्य में मैडीकल ऑक्सीजन की इस समय कोई कमी नहीं है। उन्होंने समूह डिप्टी कमिश्नरों को कहा कि वह जि़लों में अस्पतालों को ऑक्सीजन की उपयुक्त ज़रूरत के बारे में अगले 4 दिनों के दौरान लिखित जानकारी भेजें, जिससे भविष्य की ज़रूरत के मुताबिक सही प्रबंध जुटाए जा सकें।