अब तक आपने फिल्मों में और लोगों की जुबान से किस्से कहानियों में प्रेम की कहानियां सुनी और पढ़ी होंगी. लेकिन मध्य प्रदेश के विदिशा में एक ऐसी ही सच्ची प्रेम कहानी देखने को मिली है. ग्यारसपुर तहसील के ग्राम मनोरा में पत्नी की मौत के ठीक 1 घंटे बाद पति ने भी दम तोड़ दिया. घर से दोनों की अर्थिंयां एक साथ उठीं. ये कहानी है 100 वर्षीय प्रताप सिंह और उनकी 95 धर्मपत्नी प्रसादीबाई की. एक साथ घर से जब बुजुर्ग पति पत्नी की दो अर्थी उठी तो हर ग्रामीण की आंखें नम हो गईं. परिजनों ने दंपत्ति में अटूट प्रेम देखकर एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया.



मृतक प्रताप सिंह अहिरवार के पुत्र अमर सिंह ने बताया कि उनकी मां 95 वर्षीय प्रसादीबाई अहिरवार और पिता प्रताप सिंह हमेशा साथ में रहते थे. उनके पिता ने दो विवाह किए थे. यह उनकी पहली पत्नी थीं, जबकि दूसरी पत्नी अभी जीवित हैं. उन्होंने बताया कि मां और पिता का कुछ दिनों से स्वास्थ्य खराब चल रहा था. अचानक उनकी मां की मौत हो गई. सभी लोग अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे कि इसी दौरान करीब 1 घंटे बाद अचानक पिता ने भी दम तोड़ दिया.
इसके बाद एक और अर्थी बनाई गई. घर से ही दोनों की शव यात्रा एक साथ निकाली गई. श्मशान घाट पर एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया. मृतक दंपति के रिश्तेदार महाराज सिंह सूर्यवंशी ने बताया कि उनके मौसा और मौसी कभी भी एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ते थे. वह रिश्तेदारी में कहीं जाते थे तो साथ ही जाते थे. दोनों पति-पत्नी में इतना प्रेम था कि खाना भी साथ ही खाते थे. पुरानी हिंदी फिल्मों में आपने देखा होगा कि प्रेमिका और प्रेमी एक साथ जीने मरने की कसमें खाते हैं, लेकिन असल जिंदगी में ऐसी प्रेम कहानी देखकर पूरे गांव में गम का माहौल है.