1. माखन चोरी करके जो खाये मुरली की धुन पे सब को नचाये वह हैं कृष्ण ।
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  3. मन को अपना नेत्र बानवे उसके सब संकट कट जावे जहा न मित्र न और सहाये वह धैर्य बस महा उपाय ।
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  5. नारायणा अंत भी तुम अनन्ता भी तुम और निर्बल-सबल सबके नाथ हो तुम।
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  7. हे राम जी आप जग के स्वामी जगपाल हो
    आप हो भोर विष्णु आप ही रात हो।
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  9. यह गाथा महाबलि हनुमत की रच कर लीला राम भगत की
    जय जय रघु नन्दन राम जय जय महाबलि हनुमान।
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  11. भगवान से जुड़ने का सर्वोत्तम मार्ग ‘ध्यान’ और ‘प्रार्थना’ हैं इन्हे ज़रूर अपनाये ।
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  13. भगवान से निराश कभी मत होना, संसार से आशा कभी मत करना।
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  15. प्रभु के सामने जो झुकता है, वह सबको अच्छा लगता है,
    लेकिन जो सबके सामने झुकता है, वह प्रभु को भी अच्छा लगता है।
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  17. शायद मेरे पास सब कुछ नहीं पर ईश्वर ने मुझे वो सब दिया है,
    जिसकी मुझे जरुरत है। मैं इसके लिए ईश्वर का आभारी हूँ।
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  19. भगवान ने हमें दो हाथ सिर्फ ‘प्रार्थना’ नही बल्कि ‘प्रयत्न’ करने के लिए भी दिए हैं ।
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  21. हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे ॥ हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे ॥
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  23. मन तुलसी का दास हैं, वृन्दावन हो धाम,
    साँस-साँस में राधा बसे, रोम-रोम में श्याम ।
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  25. देवो के देव, महादेव आपसे हैं विनती,
    मेरी भी हो, आपके ख़ास भगतो में गिनती।
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  27. इतना सच्चा हो हमारा विश्वास,
    हमारे हृदय में ” श्री राम” सदा करे वास
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  29. नियत अच्छी हो तो, भक्ति भी सच्ची होती हैं,
    भगवान हर हृदय में हैं, घरो में रखने की जरूरत नही होती हैं।
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  31. शिव से ही श्रृष्टि हैं, शिव से ही शक्ति हैं,
    अति आनन्द सिर्फ़ शिव भक्ति हैं।
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  33. कहने की जरूरत नही, आना ही बहुत हैं,
    शिव भक्ति में तेरा शीश झुकाना ही बहुत हैं।
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  35. जो कुछ हैं तेरे दिल में, सब उसको ख़बर हैं,
    बन्दे तेरे हर हाल पर भगवान् शिव की नज़र हैं।
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  37. शिव उठत, शिव चलत, शिव शाम-भोर है !
    शिव बुध्दि, शिव चित, शिव मन विभोर है !!
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  39. भक्तो को चिंता नही होती हैं काल की,
    क्योकि उन पर कृपा होती हैं महाकाल की।
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  41. शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ,
    अंत काल को भवसागर में उसका बेड़ा पार हुआ ।
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  43. जो डूबते हैं महाकाल की मस्ती में,
    चार चाँद लग जाती हैं उनकी हस्ती में।
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  45. ना पैसा लगता हैं ना ख़र्चा लगता हैं,
    राम-राम बोलिए बड़ा अच्छा लगता हैं ।
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  47. एक ही नारा एक ही नाम जय श्री राम जय श्री राम।
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  49. जय हो हृदय में बसे नन्द लाल की,
    जय हो हृदय में बसे बाल गोपाल की।
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  51. हृदय में “शिव” करे सदा वास, मंगलमय हो सबके काज।