जालंधर- पंजाब रोडवेज से आसपास के जिलों में जाने के इच्छुक लोगों को शुक्रवार को भी मुश्किल उठानी पड़ेगी क्योंकि जालंधर में बसें बंद हैं। पनबस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन सदस्य ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा के बैनर तले महारैली में भाग लेने के लिए पटियाला चले गए हैं और लगातार दूसरे दिन में जालंधर से पनबस की बसों का संचालन बंद है। कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने नए श्रम एवं कृषि कानूनों को रद कराने की मांग के साथ यूनियन 11, 12 एवं 13 मार्च की तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं।


निजी बसें कूट रही चांदी

पंजाब रोडवेज जालंधर डिपो के पास कुल 95 बसें हैं। जिनमें से 23 बसें पंजाब रोडवेज की हैं और 72 बसें पनबस की हैं। पंजाब रोडवेज के पास मात्र 8 ड्राइवर होने की वजह से 8 बसों को ही रवाना किया जा सका है। पंजाब रोडवेज के जनरल मैनेजर नवराज बातिश ने शुक्रवार को भी पंजाब रोडवेज की मात्र 8 बसें संचालित होने की पुष्टि की है। हालांकि निजी बस ऑपरेटर एवं अन्य राज्यों की बसों को इस हड़ताल से खासा फायदा पहुंच रहा है क्योंकि यात्री अब भारी संख्या में इन बसों में सफर कर रहे हैं।

पंजाब रोडवेज मुख्यालय की तरफ से हड़ताली मुलाजिमों का वेतन काटने और उन्हें जुर्माना करने की चेतावनी भी दी गई है। बावजूद इसके हड़ताल निर्विघ्न जारी है। पंजाब रोडवेज जालंधर का इस हड़ताल की वजह से 90 फीसद के लगभग ऑपरेशन प्रभावित है। बता दें कि वीरवार को भी कांट्रेक्ट वर्कर्स ने हड़ताल के साथ बस स्टैंड का गेट बंद करके बसों का संचालन रोक दिया था।