Aam Budget 2021: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आज आम बजट 2021 पेश कर रही हैं. ब्रीफकेस और बहीखाता के बजाए वह टैबलेट से बजट पेश कर रही हैं. संसद में वित्तमंत्री के भाषण के दौरान नारेबाजी हो रही है.कोरोनाकाल के बाद ये पहला बजट है.।
इनकम टैक्स को लेकर बजट में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
 
75 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को रिटर्न दाखिल नहीं करना होगा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आयकर आकलन मामलों को फिर से खोले जाने की समय सीमा छह साल से घटा कर तीन साल कर दी। इसके साथ ही कर धोखाधड़ी से जुड़े ऐसे गंभीर मामलों में जहां छिपायी गयी आय 50 लाख रुपये या उससे अधिक है, यह अवधि 10 साल होगी. सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के अपने बजट भाषण में यह घोषणा भी की कि केवल पेंशन और ब्याज आय वाले 75 साल से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी। ब्याज का भुगतान करने वाले बैंक अपनी ओर से कर की कटौती कर लेंगे।

उन्होंने कहा कि आकलन संबंधी मामलों को फिर से खोले जाने को लेकर करदाताओं के मन में बनी अनिश्चितता को दूर करने के लिए इसकी समय सीमा पहले की छह साल से कम कर तीन साल होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि कर विभाग अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) की दोहरा कराधान संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के लिए नियमों को अधिसूचित करेगा।

उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध प्रतिभूतियों से पूंजीगत लाभ, लाभांश आय और बैंकों तथा डाकघरों से ब्याज आय के विवरण के साथ पहले से भरे हुए आयकर रिटर्न जल्द ही उपलब्ध होंगे। बजट प्रस्ताव के अनुसार 50 लाख रुपये तक की कर योग्य आमदनी वाले छोटे करदाताओं के लिए एक विवाद समाधान समिति गठित की जाएगी. उन्होंने कहा कि 1.10 लाख करदाताओं ने कर विवादों के हल के लिए प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास योजना का लाभ उठाया है. बजट में ‘फेसलेस इनकम टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल' शुरू करने का भी प्रस्ताव किया गया है।

पढ़ें बजट की खास बातें

वित्तमंत्री ने ये भी कहा कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज समेत कई योजनाओं को कोरोना काल में लाया गया, ताकि अर्थव्यवस्था की रफ्तार को बढ़ाया जा सके. आत्मनिर्भर भारत पैकेज में कुल 27.1 लाख करोड़ रुपये की मदद जारी की गई. ये सब कुछ पांच मिनी बजट के समान थी.
वायुप्रदूषण से निबटने के लिए 2000 करोड़ का पैकेज
कोविड वैक्सीन के लिए इस साल 35 हजार करोड़ का आवंटन स्वास्थ्य के लिए 2.23 हजार करोड़ से ऊपर का आवंटन वित्तमंत्री ने आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का ऐलान किया।  इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन भी आगे बढ़ेगा, इसके तहत शहरों में अमृत योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए 2,87,000 करोड़ रुपये जारी किए गए।

पूंजीगत खर्च में 5.54 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव और स्वास्थ्य बजट 94,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.38 लाख करोड़ रुपये हुआ।

1,100 किलोमीटर का राजमार्ग केरल में बनेगा. 675 किलोमीटर का राजमार्ग पश्चिम बंगाल में बनेगा.  19,000 करोड़ रुपये की हाईवे योजना असम में जारी।

तमिलनाडु में नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट 1.03 लाख करोड़ लागत से बनेगा।

वित्त मंत्री ने केरल में सड़क, राजमार्ग परियोजनाओं के लिये 65,000 करोड़ रुपये तथा असम के लिये 3,400 करोड़ रुपये आबंटित किए।

वित्त मंत्री ने विधानसभा चुनाव वाले राज्य पश्चिम बंगाल के लिए 25,000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की घोषणा की।

राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार हो गई है. कुल 1.10 लाख करोड़ रुपये का बजट रेलवे को दिया गया।

 बिजली क्षेत्र के लिए सरकार की ओर से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की स्कीम, जो देश में बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम करेगा।

बिजली उपभोक्ताओं को वितरण कंपनियों का विकल्प देने के लिये नियम बनाए जाएंगे।

वित्त मंत्री ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत 2,000 करोड़ से अधिक की सात बंदरगाह परियोजनाओं की घोषणा की।

सरकार हरित ऊर्जा स्रोतों से हाइड्रोजन उत्पादन के लिए अगले वित्त वर्ष में हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन शुरू करने का प्रस्ताव करती है।

बिजली उपभोक्ताओं को एक से अधिक वितरण कंपनियों में से किसी को चुनने का विकल्प देने के लिए रूपरेखा तैयार की जाएगी।

पिछले छह साल में बिजली क्षेत्र में कई सुधार किये गये, इस दौरान कुल क्षमता में 1,38,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता जोड़ी गई।

वित्त मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये 18,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की।

रेलवे को 2021-22 में रिकॉर्ड 1,10,055 करोड़ रुपये दिए गए, जिनमें से 1,07,100 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि ब्रॉड गेज रेलवे लाइन के शत प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा किया जाएगा।

पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए सरकार राज्यों और स्वायत्त निकायों को दो लाख करोड़ रुपये मुहैया कराएगी।

कृषि अवसंरचना कोष को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये , सूक्ष्म सिंचाई परियोजना कोष को दोगुना कर 10,000 करोड़ रुपये किया गया।

सामाजिक सुरक्षा के दायरे में ठेका कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा।

लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी.
एक देश, एक राशन कार्ड योजना 32 राज्यों में क्रियान्वनाधीन।

सरकार ने अनुबंध से जुड़े विवादों के तेजी से समाधान के लिये सुलह व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव किया।

ठेका श्रमिकों, भवन और निर्माण श्रमिकों के बारे में जानकारी जमा करने के लिए सरकार ने पोर्टल का प्रस्ताव रखा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की भागीदारी के साथ 100 नये सैनिक स्कूल स्थापित किये जाएंगे, 15,000 स्कूलों का मजबूत बनाया जाएगा।

सरकार युवाओं के लिये अवसर बढ़ाने को लेकर प्रशिक्षु कानून में संशोधन करेगी।

इसके अलावा कुछ छोटे-छोटे बदलाव किए गए हैं। इनमें महत्वपूर्ण यह है कि 50 लाख से कम आय के कर चोरी मामलों में पुराने रिटर्न खोलने की समय सीमा को 6 साल से घटाकर 3 साल किया गया है। इसके साथ ही 50 लाख से अधिक टैक्स चोरी के सबूत सामने आने पर ही 10 साल पुराने रिटर्न खोले जा सकेंगे। इसके लिए भी प्रधान आयकर आयुक्त की अनुमति आवश्यक होगी।

इनकम टैक्स रिटर्न को फाइलिंग में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। पुराने सिस्टम में पहले की तरह इन्वेस्टमेंट पर टैक्स छूट मिलती रहेगी। वहीं, पिछले साल आए नए सिस्टम में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत 50 हजार तक की छूट ही मिलेगी। यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है, जो युवा हैं और जिन्होंने कोई इन्वेस्टमेंट नहीं किया है या टैक्स में छूट के लिए इन्वेस्टमेंट के डॉक्यूमेंट्स को संभालकर रखने के झंझट से बचना चाहते हैं। सीए कार्तिक गुप्ता के मुताबिक न तो टैक्स स्लैब्स में बदलाव हुआ है और न ही कोई नई छूट दी गई है। इस वजह से टैक्स फाइलिंग में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। देश की आजादी के 75वें वर्ष में 75 वर्ष से ज्यादा उम्र वालों को टैक्स रिटर्न फाइल करने से छूट देना, एक अच्छा कदम है।

न तो स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ा, न ही 80C की लिमिट बढ़ी

उम्मीद की जा रही थी कि नए विकल्प में नई छूट शामिल होगी। पर ऐसा कुछ हुआ नहीं। इसी तरह पुराने विकल्प में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 80 हजार रुपए करने की मांग थी। 80C में मिल रही छूट को 1.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए करने की उम्मीद थी। पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने ऐसी किसी भी मांग को नजरअंदाज कर दिया।

टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 
बजट में टैक्स को लेकर की गई अन्य घोषणाएंः

डिजिटल लेन-देन वाले कारोबारियों को राहतः ऐसे छोटे कारोबारी, जिनका 95% लेनदेन डिजिटल हो रहा है, उन्हें राहत दी है। वैसे तो एक करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों को टैक्स ऑडिट कराना पड़ता है, पर डिजिटल लेनदेन वालों के लिए पिछले साल 5 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर तक राहत दी थी। अब यह राहत बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए दी गई है। यानी 10 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों को टैक्स ऑडिट नहीं कराना होगा।

अब फेसलेस अपीलेट ट्रिब्यूनलः ​​​​​​केंद्र सरकार ने फेसलेस असेसमेंट और अपील के बाद अब अपीलेट ट्रिब्यूनल को भी फेसलेस बनाने की तैयारी की है। इसके लिए सरकार फेसलेस इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल सेंटर बनाएगी। ट्रिब्यूनल और अपील करने वाले व्यक्ति के बीच होने वाला सारा पत्राचार इलेक्ट्रॉनिक होगा। व्यक्तिगत सुनवाई की जरूरत पड़ी तो वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी।

डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स में राहतः पिछले साल सरकार ने कंपनियों से मुनाफे के हिस्से के तौर पर मिलने वाले डिविडेंड को बांटने पर लगने वाला टैक्स हटाया था। यह जिम्मेदारी निवेशकों पर छोड़ी थी। इसमें ही राहत बढ़ाते हुए टीडीएस से छूट दी गई है। इसी तरह डिविडेंड से मिलने वाली आय पर एडवांस टैक्स भी जमा नहीं करना होगा।

अफोर्डेबल हाउसिंग पर राहत बढ़ीः सरकार ने अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत 45 लाख रुपए तक का मकान खरीदने पर 1.5 लाख रुपए तक के ब्याज पर अतिरिक्त छूट जारी रखी है। यानी अब 31 मार्च 2022 तक नया मकान खरीदा तो टैक्स से छूट मिलती रहेगी।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्सः

DVS एडवायजर्स एलएलपी के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर दीवाकर विजयसारथी ने कहा कि रेट नहीं बढ़ाकर वित्तमंत्री ने एक तरह से बड़ी राहत ही दी है। 75 वर्ष से ज्यादा उम्र वालों को दी गई राहत स्वागत योग्य है। डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वाले कारोबारियों के लिए टैक्स ऑडिट की लिमिट को 5 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए किया गया है। पुराने रिटर्न खोलने की समयसीमा को घटाया गया है जो निवेशकों का विश्वास जगाएगा।

ब्रांच पर्सनल फाइनेंस ऐप की एमडी इंडिया सुचेता महापात्रा के मुताबिक वेतनभोगी टैक्सपेयर्स को राहत की सांस लेनी चाहिए कि पर्सनल इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है। स्टार्टअप्स को टैक्स हॉलीडे दिया गया है, जो स्टार्टअप इकोसिस्टम पर दबाव कम करेगा। खासकर ऐसे समय जब कोविड-19 की वजह से पूरा साल उनके लिए खराब रहा है।

टैक्समंत्रा ग्लोबल के मैनेजिंग पार्टनर आलोक पाटनिया ने कहा कि स्टार्टअप्स के लिए टैक्स हॉलीडे एक और साल बढ़ाकर मार्च 2022 तक जारी रहेगा। सरकार ने वन-पर्सन कंपनियों को प्रोत्साहन देने की कोशिश की है, जिसका फायदा स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को मिलेगा। यह स्टार्टअप्स में निवेश आकर्षित करेगा।