कई बार हम जाने-अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनका हमारे शरीर पर बुरा असर देखने को मिलता है. किडनी में स्टोन की बीमारी भी कई बार हमारी रोजमर्रा की गलतियों की वजह से ही होती है.


 कई बार शरीर में मौजूद लवल यानी सॉल्ट और खनिज पदार्थ छोटे-छोटे क्रिस्टल के रूप में किडनी में जमा होने लगते हैं और इन्हें ही किडनी स्टोन कहा जाता है. इसके अलावा जब किसी व्यक्ति के पेशाब में तरल पदार्थ की मात्रा कम और कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसी चीजों की मात्रा बढ़ जाती है तब भी किडनी में स्टोन बनने लगता है. ये स्टोन बालू के दाने जितना बारीक भी हो सकता है जो आसानी से पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाए या फिर साइज में इतना बड़ा जो किडनी के फंक्शन्स को पूरी तरह से प्रभावित कर दे. बच्चे को नॉर्मल डिलिवरी से जन्म देते वक्त जितना दर्द महसूस होता है उससे कहीं ज्यादा भयंकर और तकलीफदेह हो सकता है किडनी में स्टोन का दर्द. 


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किडनी में स्टोन के लक्षण और जोखिम कारक


किडनी में स्टोन के लक्षणों की बात करें तो इस दौरान मरीज को रिब्स के ठीक नीचे और शरीर में एक तरफ तेज दर्द महसूस हो सकता है, पेशाब करते वक्त तेज जलन और दर्द हो सकता है और उल्टी की भी समस्या हो सकती है. कई बार आप क्या खाते हैं, कैसे खाते हैं, कौन सी दवाइयां खाते हैं या फिर आपकी फैमिली हिस्ट्री में किसी को किडनी स्टोन की प्रॉब्लम है या नहीं, इन वजहों से भी किडनी में स्टोन होने का खतरा रहता है. लेकिन कई बार हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतों और गलतियों की वजह से भी किडनी में स्टोन की समस्या हो सकती है, वे आदते हैं:  


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पानी कम पीना


अगर कोई व्यक्ति रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी न पिए तो इस वजह से न सिर्फ शरीर में पानी की कमी होती है बल्कि इस वजह से किडनी में स्टोन बनने का खतरा भी सबसे अधिक होता है. डिहाइड्रेशन की वजह से पेशाब में कैल्शियम के क्रिस्टल के रूप में जमने का खतरा बढ़ जाता है. लिहाजा सर्दी का मौसम हो या गर्मी का 2-3 लीटर पानी रोजाना जरूर पिएं. आप चाहें तो पानी के साथ ही नारियल पानी, जूस, आदि का भी सेवन कर सकते हैं.


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बहुत अधिक सोडियम का सेवन


आप क्या खाते हैं इसमें भी किडनी स्टोन का अहम रोल होता है. ब्रोकली, चॉकलेट, नट्स, पालक- ये कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनमें ऑक्सलेट की मात्रा सबसे अधिक होती है. इन चीजों का अगर ज्यादा सेवन किया जाए तो ऑक्सलेट कैल्शियम के साथ चिपकर किडनी में स्टोन बनाने लगता है. इसके अलावा अगर आप बहुत अधिक सोडियम वाली चीजें खाएं तो इस वजह से भी किडनी में स्टोन बनने का खतरा रहता है.

डायबिटीज खासकर टाइप 2 डायबिटीज की बीमारी मरीज के यूरिन को एसिडिक बना देती है जिससे स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है. साथ ही यह बीमारी यूरिन के कॉम्पोजिशन को भी बदल देती है. लिहाजा डायबिटीज के मरीजों को अपना ब्लड शुगर कंट्रोल में रखना चाहिए वरना किडनी स्टोन का खतरा अधिक होता है

 

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मोटापा भी है किडनी स्टोन के लिए जिम्मेदार

मोटापे से पीड़ित व्यक्ति को किडनी स्टोन होने का दोगुना अधिक खतरा होता है. अगर किसी व्यक्ति का बीएमआई 30 से अधिक है तो उन्हें इसका खतरा सबसे ज्यादा है. लिहाजा वजन कम करने के लिए वर्कआउट करें, हेल्दी डाइट का सेवन करें और अगर जरूरी हो तो वेट लॉस सर्जरी भी करवाएं


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कैल्शियम सप्लिमेंट्स खाना


हड्डियों और दांत को मजबूत बनाए रखने के लिए शरीर को कैल्शियम की जरूरत होती है लेकिन अगर आप बहुत अधिक कैल्शियम सप्लिमेंट का सेवन करें तो इसकी वजह से भी किडनी में स्टोन बनने का खतरा अधिक होता है.