चंडीगढ: पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने हिसार के एक प्रेमी जोडे की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि घर से भागे प्रेमी जोडे में एक नाबालिग हो तो भी सुरक्षा का अधिकार नहीं छिनता । यहां तक कि भले ही वह सहमति संबंध (लिव इन रिलेशनशिप) में रहते हों तो भी यह अधिकार कायम रहता है । 
ऐक प्रेमी युगल ने घर से भाग कर एक साथ रहने का फैसला लिया था। इसके लिए सुरक्षा के लिए उच्व न्यायालय से गुहार लगाई थी । याचिकाकर्ता की उम्र तो 24 साल थी, लेकिन विवाद लड़की की उम्र को लेकर था, जो केवल 16 साल 9 महीने की थी । उच्व न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुए दोनों ने कहा कि वे एक दूसरे से प्यार करते है और एक दूसरे के साथ रहना चाहते है, पर उनके परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ है, जिसके चलते उन्हें घर से भागना पड़ा । उच्व न्यायालय ने कहा कि भले ही दोनों का विवाह नहीं हुआ, लेकिन उनको जीवन ओर स्वतंत्रता की सुरक्षा का सांविधानिक अधिकार है । न्यायालय ने याचिका का निपटारा करते हुए हिसार के जिला पुलिस प्रमुख को आदेश दिया कि वे याचिकाकर्ता जोडे द्वारा सुरक्षा की मांग के आवेदन की जांच करके उचित निरने लेकर जनके जान माल की रक्षा करें ।